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Ujjain Nagar Nigam Ground Report: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद उज्जैन नगर निगम की तैयारियों की जब लोकल 18 ने पड़ताल की, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई. शहर के कई इलाकों में लोगों को लंबे समय से बदबूदार और गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. जांच में सामने आया कि जिस टंकी से आम जनता को पानी मिलता है, वह खुद गंदगी से भरी है, लेकिन अफसरों के लिए RO का शुद्ध पानी उपलब्ध है.
शुभम मरमट / उज्जैन. इंदौर में दूषित पानी पीने से 16 लोगों की मौत और कई के बीमार होने की घटना के बाद उज्जैन नगर निगम सतर्क होने का दावा कर रहा है. निगम का कहना है कि शहर की पानी की टंकियों की सफाई करवाई जा रही है और दूषित जल की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है. लेकिन जब लोकल 18 की टीम ने इन दावों की पड़ताल की, तो जमीनी सच्चाई कुछ और ही नजर आई.
लोकल 18 की टीम निगम कार्यालय और देवास रोड स्थित आदर्श नगर कॉलोनी पहुंची. यहां स्थानीय रहवासियों ने बताया कि लंबे समय से बदबूदार और गंदा पानी सप्लाई हो रहा है. कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी रही. हालांकि इंदौर की घटना के बाद अब अधिकारी मौके पर पहुंचकर जल्द सुधार का भरोसा दे रहे हैं.
अधिकारीयो के लिए शुद्ध पानी लेकिन जनता के लिए
इतना ही नही नगर निगम कार्यालय से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए है, जिनमें साफ दिख रहा है कि जिस टंकी का पानी आम लोग पीते हैं, वह खुली और गंदगी से भरी हुई है. वहीं अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कक्षों में आरओ का शुद्ध पानी उपलब्ध है. इस विरोधाभास ने निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इतना ही नही लोगों जब नगर निगम को ही अपने पानी पर भरोसा नही तो आम व्यक्ति क्या ही करेगा.
पांच साल से सफाई नहीं होने के आरोप
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने टंकियों की सफाई का अभियान जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा द्वारा 29 दिसंबर को लिखे गए पत्र के सामने आने के बाद शुरू किया. कुछ जनप्रतिनिधियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोरोना काल के बाद से कई टंकियों की नियमित सफाई नहीं हुई है और फिलहाल केमिकल के अभाव में केवल औपचारिक सफाई की जा रही है.
नगर निगम कमिश्नर नें कही यह बात
पुरे मामले मे जब लोकल 18 की टीम नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्र के पास पहुंची और इस मामले पर बात की, तो उन्होंने माना कि कुछ इलाकों में पुरानी पाइपलाइन और निर्माण कार्यों के कारण गंदा पानी सप्लाई हो रहा है. इसी वजह से लोगों को अनाउंसमेंट के जरिए इस पानी को पीने में उपयोग न करने की सलाह दी जा रही है और टैंकरों से पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. निगम कार्यालय की टंकी गंदी होने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने इसे तुरंत साफ करवाने के निर्देश दिए. वहीं पांच साल से टंकियों की सफाई नहीं होने के आरोपों को खारिज करते हुए कमिश्नर ने कहा कि तय समय पर सफाई होती है और उसका रिकॉर्ड निगम के पास मौजूद है. साथ ही उन्होंने शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें