मंदसौर में प्रथम एशियन वॉटरबर्ड सेंसस का समापन: गांधीसागर सहित 40 वेटलैंड पर 169 प्रजातियों के जलपक्षी दर्ज – Mandsaur News

मंदसौर में प्रथम एशियन वॉटरबर्ड सेंसस का समापन:  गांधीसागर सहित 40 वेटलैंड पर 169 प्रजातियों के जलपक्षी दर्ज – Mandsaur News



मंदसौर जिले में 3 और 4 जनवरी 2026 को प्रथम एशियन वॉटर बर्ड सेंसस का आयोजन किया गया। वनमंडल अधिकारी संजय रायखेरे ने बताया कि गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य सहित जिले की लगभग 40 प्रमुख आर्द्र भूमि (वेटलैंड) साइटों पर यह गणना हुई।

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इस सर्वेक्षण का उद्देश्य प्रवासी और स्थानीय जलपक्षियों की गणना करना तथा उनकी प्रजातीय विविधता का आकलन करना था। इसमें वन विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ जिले के स्थानीय पक्षी प्रेमियों (वॉलंटियर्स) और वाइल्ड लाइफ वॉरियर के सदस्यों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।

गांधीसागर का बैक वाटर क्षेत्र सर्दियों में अनुकूल तापमान और भोजन की उपलब्धता के कारण प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय स्थल बन जाता है। यह स्थिति इस क्षेत्र के पारिस्थितिक महत्व को बढ़ाती है।

सर्वेक्षण के दौरान लगभग 169 प्रजातियों के पक्षी देखे गए। इनमें पेंटेड स्टार्क, वूली नेक्ड स्टार्क, रूडी शेल्डक, पेंटेड स्परफाउल, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, डालमेटियन पेलिकन, ग्रेट थिक-नी, चेस्टनट बेलीड सैंडग्राउज़, ब्लैक-टेल्ड गॉडविट, इंडियन ईगल उल्लू, पल्लास गल और पलिड हरियर जैसे पक्षी शामिल थे।

यह बड़ी संख्या क्षेत्र की पक्षियों के लिए अनुकूलता को दर्शाती है। इस सेंसस से प्राप्त आंकड़ों को वैश्विक जलपक्षी डेटाबेस में शामिल किया जाएगा। ये आंकड़े प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए भविष्य की योजनाओं और रणनीतियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



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