सीहोर जिले में सोमवार सुबह सीजन का सबसे घना कोहरा छाया रहा। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटकर लगभग 15 मीटर रह गई, जिससे एक इमारत से दूसरी इमारत को देख पाना मुश्किल हो गया।
.
जिले में आज न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले रविवार को न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस था। हवाएं 3 से 4 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं।
आने वाले कुछ दिनों में मावठे की आशंका घने कोहरे के कारण सूर्योदय के बाद भी सूर्य की किरणें धरती तक नहीं पहुंच सकीं। पूरे जिले में कोहरे की चादर छाई रही, जिससे आसपास की वस्तुएं भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थीं। मौसम विभाग का यह अनुमान सही साबित हुआ कि सीहोर जिला घने कोहरे की चपेट में रहेगा।
शासकीय कृषि कॉलेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. तोमर ने बताया कि उत्तर दिशा से आ रही ठंडी और बर्फीली हवाओं के कारण यह घना कोहरा छाया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आसमान में बादलों की सघनता धीरे-धीरे बढ़ रही है।
डॉ. तोमर के अनुसार, बादलों की बढ़ती सघनता के कारण चने की फसल में इल्ली का प्रकोप होने की आशंका है। वहीं, गेहूं की फसल के लिए ओस फायदेमंद साबित हो रही है। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि यदि बादलों की सघनता इसी प्रकार बढ़ती रही, तो आगामी दिनों में मावठा (बारिश) भी हो सकती है।