जनसुनवाई में मां की शिकायत, शिक्षक ससुर ले गया बेटा: पति बेरोजगार, दहेज के लिए परेशान करते, डिंडौरी कलेक्टर से कार्रवाई की मांग – Dindori News

जनसुनवाई में मां की शिकायत, शिक्षक ससुर ले गया बेटा:  पति बेरोजगार, दहेज के लिए परेशान करते, डिंडौरी कलेक्टर से कार्रवाई की मांग – Dindori News



डिंडौरी कलेक्ट्रेट में मंगलवार को लगी जनसुनवाई में अपनी परेशानियां लेकर कुल 44 लोग अधिकारियों के पास पहुंचे। प्रशासन ने 14 शिकायतों को तो तुरंत सुलझा दिया, लेकिन बाकी 30 मामलों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें संबंधित विभागों को सौंप दिया गया है।

.

इस सुनवाई में पारिवारिक झगड़े से लेकर भ्रष्टाचार और पेंशन से जुड़ी समस्याएं आईं।

शिक्षक ससुर ले भागा दो साल का बच्चा, मां ने लगाई गुहार

जनसुनवाई में सबसे भावुक मामला सरोज पाठक का रहा। सरोज ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु के बाद उनके शिक्षक ससुर अंबिका प्रसाद पाठक उनके दो साल के बेटे को जबरन अपने साथ ले गए। सरोज का आरोप है कि उनके पति बेरोजगार हैं और दहेज के लिए उन्हें परेशान करते हैं।

पुलिस और एसडीएम कोर्ट के चक्कर काटने के बाद भी जब उन्हें अपना बच्चा नहीं मिला, तो वे थक-हारकर कलेक्टर के पास पहुंचीं। कलेक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उन्हें उनका बच्चा वापस दिलाने में पूरी मदद की जाएगी।

रिटायर्ड शिक्षक को अर्जित अवकाश का पैसा नहीं मिला

धनवासी गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक सालिक राम मंदे भी सिस्टम की लापरवाही का शिकार दिखे। 2021 में रिटायर होने के बाद भी उन्हें अब तक उनके अर्जित अवकाश (लीव एनकैशमेंट) का पूरा पैसा नहीं मिला है।

उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने उनकी सीएम हेल्पलाइन की शिकायत भी जबरन बंद करवा दी। जब वे दफ्तर जाते हैं, तो अधिकारी एक-दूसरे पर टालमटोल करते हैं। पिछली जनसुनवाई में भी कुछ नहीं हुआ, इसलिए वे दोबारा अपना हक मांगने पहुंचे थे।

रोजगार सहायक पर वसूली और मनमानी का आरोप

पंचायत स्तर पर चल रही गड़बड़ियों की शिकायत लेकर साल्हे घोरी के उपसरपंच सुख चरण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने रोजगार सहायक रेवा प्रसाद गौतम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पीएम आवास योजना के बदले गरीबों से 4-4 हजार रुपए मांग रहा है।

इतना ही नहीं, गांव के सरपंच और सचिव पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी बोरवेल अपने निजी खेतों में लगवा लिए और चेक डैम और पुलिया निर्माण में लगे मजदूरों की मजदूरी भी डकार ली। ग्रामीण अब इन “रसूखदारों” पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



Source link