खजराना मंदिर में गणपति बप्पा को लगा महाभोग: लहराई पवित्र ध्वजा, परंपरागत तिल चतुर्थी मेले का शुभारंभ – Indore News

खजराना मंदिर में गणपति बप्पा को लगा महाभोग:  लहराई पवित्र ध्वजा, परंपरागत तिल चतुर्थी मेले का शुभारंभ – Indore News



माघ माह की तिल चतुर्थी के पावन पर्व पर आज खजराना गणेश मंदिर पर भक्त मंडल की ओर से तिल-गुड़ के सवा लाख लड्डुओं का भोग समर्पित किया गया। वहीं पवित्र ध्वजा पूजन के साथ परंपरागत तीन दिवसीय मेले की शुरुआत भी हुई।

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मंदिर के पुजारी पं. अशोक भट्ट, पं. जयपाल, पं आधार और पं. धर्मेन्द्र भट्ट द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बप्पा के दरबार में इन लड्डुओं का संग्रह कर दिया गया। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त एवं मंदिर समिति के प्रशासक क्षितिज सिंघल तथा मंदिर के महाप्रबंधक राकेश शर्मा ने खजराना गणेश को भोग समर्पित कर प्रसाद वितरण का शुभारंभ किया।

श्रीगणेश और परिवार को स्वर्ण आभूषण पहनाए गए। भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी, कैलाश पंच एवं पार्षद पुष्पेन्द्र पाटीदार ने बताया कि इससे पूर्व ध्वजा पूजन कर महाआरती की गई। 7 जनवरी को गणेशजी को गोंद के लड्डुओं तथा 8 जनवरी को उड़द के लड्डुओं का भोग भी लगाया जाएगा। मंदिर के प्रबंधक घनश्याम शुक्ला एवं गौरीशंकर मिश्रा के मार्गदर्शन में सुभाष नायक, सुरेश चौधरी, वासुदेव पाटीदार, आकाश वर्मा, जय वर्मा एवं दिनेश सर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरण में सहयोग किया।

72 घंटे में बने तिल-गुड़ के सवा लाख लड्डू

खजराना गणेश मंदिर परिसर में खेमजी महाराज हलवाई के नेतृत्व में 40 रसोइयों की टीम ने 72 घंटे सतत कार्य कर पूर्ण शुद्धता के साथ तिल-गुड़ के सवा लाख लड्डुओं का निर्माण किया। लड्डू निर्माण में 1250 किलो तिल्ली, 550 किलो मूंगफली दाना (सिंका हुआ) एवं 1050 किलो देसी गुड़ का उपयोग किया गया।

आज चंद्रोदय रात्रि 9 बजकर 4 मिनट पर

चतुर्थी व्रत चंद्रोदय के दर्शन-पूजन कर ही पूर्ण किया जाता है। आज चंद्रोदय रात्रि 9 बजकर 4 मिनट पर होगा। वहीं चतुर्थी तिथि आज सुबह 8.20 बजे प्रारंभ हुई एवं 7 जनवरी को सुबह 6.53 बजे समाप्त होगी। आज के दिन पूरे समय सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा, जो सबके लिए मंगलकारी रहेगा। चन्द्र दर्शन भी आज लाभकारी रहेगा।

ऐसी रहेगी व्यवस्था

भव्य सजावट: मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है।

मेला और दुकानें: मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए चकरी-झूले और विभिन्न प्रकार की दुकानें लगी हैं।

भीड़ प्रबंधन: महाकाल मंदिर की तर्ज पर दर्शन की व्यवस्था की जाती है, ताकि भक्तों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े, पुलिस और स्वयंसेवक तैनात रहते हैं।

तकनीकी सुविधाएं: इस बार दान के लिए QR कोड और अपडेटेड वेबसाइट/मोबाइल ऐप की सुविधा भी शुरू की गई है।



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