भागीरथपुरा के स्वास्थ्य केंद्र में लगातार मरीज चेकअप कराने पहुंच रहे हैं।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 18 की मौत के बाद लोग अब डरे-सहमे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में बोरिंग का यूज बंद कर दिया है। रहवासी टैंकरों और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। इस बीच अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है। अब तक 429 लोग भ
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हालांकि, अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी जरूर आई है लेकिन आईसीयू में मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। अब आईसीयू में 16 मरीज हैं। इनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं। इससे पहले सोमवार को 15 और रविवार को 7 मरीज आईसीयू में भर्ती थे।
इधर, आज बुधवार को महिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में एक साथ प्रदर्शन करेगी। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक साथ कैंडल मार्च निकालेंगे।
अब मुआवजा सूची में दो नए नाम इधर, प्रशासन की परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई सूची में दो नए नाम हैं, जो पहले सामने नहीं आए थे। इनमें रामकली जगदीश व श्रवण नत्यु शामिल हैं। इनके सहित मुआवजा फेहरिस्त में 15 नाम हो गए हैं।
दो दिनों में 5013 घरों तक पहुंची स्वास्थ्य टीमें सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी के मुताबिक 61 टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में नर्सिंग ऑफिसर, सीएचओ, आशा और एएनएम शामिल हैं। जिन्होंने घरों में रियल टाइम सर्वे किया है। दो दिनों में ये टीमें 5013 घरों तक पहुंची हैं। 24786 लोगों से संपर्क कर उन्हें उचित परामर्श दिया है। वहीं, प्रत्येक घर में दवाइयां और एक क्लिनवेट ड्राप भी वितरित की है।
जानिए क्या है कोबो टूल दरअसल, कोबो टूल एक ऑनलाइन मोबाइल एप है। इससे भागीरथपुरा के हर घर का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया। किस घर में बीमारी की गंभीरता ज्यादा थी, कितने सदस्य बीमार थे, पानी को साफ रखने को लेकर उनकी जानकारी सहित कई प्रश्न किए गए।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) के सर्वे में 17 गलियां संक्रमित मिली हैं। 61 टीमों 5013 घरों का सर्वे किया और करीब 25 हजार लोगों तक पहुंचे। इसमें से 40 से 50% क्षेत्र प्रभावित मिला है।
भागीरथपुरा टंकी के पास सामने वाली गली में मरीज नहीं मिले। इन्हीं डेटा के आधार पर हीट-गैप बनाया है। 460 घर प्रभावित मिले, इनमें से 600 सिंप्टोमैटिक मरीज मिले।

मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में एक साथ 5 याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
कोर्ट ने कहा- शहर पूरे देश में चर्चा का विषय बना मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मंगलवार को दूषित पेयजल से जुड़े मामले में 5 याचिकाओं की एक साथ सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा- इस घटना ने इंदौर शहर की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर अब दूषित पानी की वजह से पूरे भारत में चर्चा का विषय बन गया है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में स्वच्छ पानी जनता का मौलिक अधिकार है और इससे किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में आवश्यकता पड़ी तो दोषी अधिकारियों पर सिविल और क्रिमिनल लायबिलिटी भी तय की जाएगी। साथ ही संकेत दिए कि अगर पीड़ितों को मुआवजा कम मिला है तो उस पर भी अदालत उचित निर्देश जारी करेगी।
पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष पहुंचे भागीरथपुरा

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भागीरथपुरा में प्रभावितों के घर पहुंचे थे।
उधर, मंगलवार दोपहर करीब एक बजे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुआई में पार्टी कार्यकर्ता भागीरथपुरा पहुंचे थे। यहां पहले से बड़ी संख्या में पुलिस बल, वज्र वाहन सहित तैनात था। भागीरथपुरा में घुसने वाले सभी रास्तों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया था।
दूषित पानी से जान गंवाने वाले लोगों के परिजन से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेताओं की पुलिस अधिकारियों से बहस हो गई। बाद में दूसरे रास्ते से कांग्रेसी अंदर पहुंचे। मृतक अशोक लाल पवार, जीवन लाल और गीता बाई के घर गए। परिजन से चर्चा की। इसके बाद करीब 3 बजे भागीरथपुरा से लौट गए।
यहां पटवारी ने इंदौर का प्रभारी मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से इस्तीफा भी मांगा।

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1. भागीरथपुरा में एक और मौत, उल्टी-दस्त से पीड़ित थीं

कांग्रेस नेताओं के दौरे को देखते हुए भागीरथपुरा में पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा था।
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 18 हो गया है। 1 जनवरी को 70 वर्ष से अधिक उम्र की महिला हरकू बाई कुंवर की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि दूषित पानी पीने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
2. सबसे पहले 2 बच्चों में मिले थे हैजा जैसे सिम्टम्स

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 17 लोगों की मौत हो गई है। आईसीयू में 15 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 2 की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है। कुल एडमिट मरीजों की संख्या 110 है, जबकि एक हफ्ते पहले एडमिट मरीजों की संख्या 398 थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
3. जहरीला पानी…इंदौर में 17वीं मौत, 20 नए मरीज मिले

इंदौर के भागीरथपुरा में 17वीं मौत हुई है। दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या रविवार तक 16 थी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने भागीरथपुरा में महामारी फैलना स्वीकार किया है। वहीं, कलेक्टर शिवम वर्मा ने सोमवार को समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि एपिडेमिक (एक क्षेत्र में संक्रमण) कैसे फैला, इसकी जांच एम्स भोपाल और आईसीएमआर की टीम कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
3. प्रदेशभर में कांग्रेस का घंटा बजाकर प्रदर्शन

इंदौर जल त्रासदी के विरोध में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता कटनी के मुड़वारा विधायक के बंगले के सामने प्रदर्शन कर रहे थे, तभी भाजपा कार्यकर्ता उनके सामने डांस करते नजर आए।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 16 मौतें हो चुकी हैं। 150 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। अलग-अलग हॉस्पिटल के ICU में भर्ती लोगों को एक जगह शिफ्ट किया जा रहा है। शनिवार शाम 6 बजे के बाद ऐसे 12 मरीज बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में लाए गए। पढ़ें पूरी खबर…
4. इंदौर नगर निगम कमिश्नर को हटाया

इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में मोहन सरकार ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को हटा दिया है। उन्हें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद पर भेजा गया है। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
5. इंदौर में जहरीला पानी…एक बच्चे की मौत से मांएं डरीं

मामले में 5 महीने के अव्यान की मौत हो गई।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत के बाद सबसे ज्यादा डर अगर किसी के चेहरे पर है, तो वह है मां। 5 महीने के मासूम अव्यान की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब हालात ऐसे हैं कि हर मां अपने बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल की ओर दौड़ रही है। पढ़ें पूरी खबर…
6. हेपेटाइटिस-A से पीड़ित वापस आया छात्र, आईसीयू में भर्ती

इंदौर छोड़कर सिवनी का छात्र अपने घर लौट गया।
इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों की खबरों ने लोगों में इस कदर दहशत फैला दी है कि छात्र और कामकाजी लोग इंदौर छोड़कर अपने-अपने घर लौटने लगे हैं। इसी कड़ी में सिवनी जिले के रहने वाले 18 वर्षीय युवक आदित्य मिश्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे इलाज के लिए जबलपुर ले आए। जांच में आदित्य हेपेटाइटिस-A पॉजिटिव पाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…