सीएम निवास में युवा संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।
राज्य सरकार आने वाले समय में युवाओं को खेती के लिए शासकीय भूमि लीज पर दे सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारे युवाओं का व्यवसाय के साथ खेती और खासतौर से प्राकृतिक खेती की ओर जुड़ाव भी रुझान दिख रहा हैं। मुख्यमंत्री ने खेती में विविधता को
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मुख्यमंत्री ने ये बातें युवा संवाद में कहीं। इन युवाओं ने बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुख्यमंत्री निवास में संवाद किया। नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के 47 युवा, विकसित भारत यंग लीडर संवाद कार्यक्रम और 29 युवाओं का दल राष्ट्रीय युवा उत्सव में सहभागिता करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कार्यक्रम में युवाओं ने अनेक प्रश्न पूछे, मुख्यमंत्री ने बड़ी सहजता के साथ उनकी जिज्ञासा का समाधान किया।
युवाओं के सवाल, मुख्यमंत्री के जवाब
- ग्वालियर के सोमेश ने पूछा कि एक सटीक भाषण में कौन-कौन से अव्यव होने चाहिए।
मुख्यमंत्री: जीवन में स्वाध्याय करते हुए ज्ञान अर्जन करेंगे तो भाषण की गुणवत्ता स्वत: बढ़ जाएगी। कक्षा में पढ़ाई तो आवश्यक है लेकिन कक्षा और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त भी बहुत कुछ सीखना-समझना होगा।
- अनूपपुर के प्रियांशु ने पूछा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने के लिए क्या प्रयास कर रही है, क्या इसमें स्टार्ट-अप की कोई संभावनाएं हैं?
मुख्यमंत्री: अब हमारे युवाओं का व्यवसाय के साथ खेती और खासतौर से प्राकृतिक खेती की ओर जुड़ाव भी रुझान दिख रहा हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। देश में सबसे आदर्श खेती मध्यप्रदेश में होती है। राज्य में सभी प्रकार के मोटे अनाज (श्रीअन्न) की अच्छी उत्पादकता है। प्राकृतिक खेती के लिए देसी खाद भी जरूरी है। इसके लिए गोपालन और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में देशी गोपालन को बढ़ावा दिया जा रहा हैं। ब्राजील जैसा छोटा देश गोपालन के माध्यम से आगे बढ़ने का बड़ा उदाहरण है।
- राजगढ़ के युवा ने पूछा कि क्या युवाओं को खेती के लिए शासकीय भूमि लीज पर दी जा सकती है?
मुख्यमंत्री: राज्य सरकार इस सुझाव पर विचार करेगी। इससे किसानों की आय को बढ़ाने में मदद मिलेगी।राजगढ़ का मोहनपुरा बांध और सिंचाई परियोजना आधुनिक सिंचाई व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश में लगातार सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। वर्ष 2002-03 में प्रदेश की साढ़े 7 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब 58 लाख हेक्टेयर हो गई है। यह हमारी बड़ी उपलब्धि है।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश के युवा दिल्ली में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रदेश के युवा 11 और 12 जनवरी को अपने विचार रखेंगे।