क्या है कमरा नंबर 6 का रहस्य? सतना पीजी कॉलेज में टकराव तेज, छात्र-प्रशासन आमने-सामने

क्या है कमरा नंबर 6 का रहस्य? सतना पीजी कॉलेज में टकराव तेज, छात्र-प्रशासन आमने-सामने


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Satna PG College Controversy: सतना पीजी कॉलेज में छात्र आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है. कमरा नंबर 6 को लेकर उठे सवालों, आरटीआई के जवाबों में कथित गड़बड़ी और प्रशासन पर गंभीर आरोपों के बाद छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है. कॉलेज गेट पर दो दिनों से धरना जारी है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.

शिवांक द्विविद, सतना: सतना के पीजी महाविद्यालय में इन दिनों छात्र राजनीति अपने चरम पर है. कॉलेज के एक कमरे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच सीधी टकराव की स्थिति में पहुंच गया है. एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आनंद पांडे द्वारा मुख्यमंत्री के नाम रक्त से पत्र लिखे जाने और आमरण अनशन शुरू करने के बाद यह मामला न सिर्फ कॉलेज बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है. डिग्री कॉलेज गेट पर बीते दो दिनों से छात्र तंबू गाड़कर धरने पर बैठे हैं और साफ ऐलान कर चुके हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा.

कमरा नंबर 6 बना विवाद की जड़
सतना पीजी महाविद्यालय के कमरा नंबर 6 को लेकर उठे सवालों ने इस पूरे आंदोलन की नींव रखी. एनएसयूआई का आरोप है कि जिस कमरे को कॉलेज प्रशासन ने सिक रूम बताया है वह केवल कागजों में मौजूद है. आनंद पांडे का कहना है कि इस कमरे के खुलासे के बाद भी जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने दावा किया कि मामले की जांच के लिए टीम तो गठित की गई लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

आरटीआई और प्रशासन पर गंभीर आरोप
आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने 15 बिंदुओं पर दायर आरटीआई का न तो सही जवाब दिया और न ही समय पर जानकारी उपलब्ध कराई. छात्रों का कहना है कि कई मामलों में गलत सूचना दी गई जिससे प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं. छात्र छात्राएं लंबे समय से प्राचार्य पर मनमानी और छात्रहित की अनदेखी का आरोप लगाते रहे हैं. उनका कहना है कि कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है और लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार होता है.

छात्रों की आवाज और आमरण अनशन
धरने में शामिल छात्र भी खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. बीए पॉलिटिकल साइंस प्रथम वर्ष के छात्र शुभम सिंह ने कहा कि चाहे कितने भी दिन लग जाएं उनकी मांगें पूरी होने तक आमरण अनशन खत्म नहीं किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जाती हैं और अपने स्कूल से आए टॉपर छात्रों को जानबूझकर शून्य अंक दिए जाते हैं. छात्रों का कहना है कि वे न्याय मिलने तक पीछे हटने वाले नहीं हैं.

प्राचार्य का पक्ष और प्रशासन की दलील
दूसरी ओर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस.सी. राय ने सभी आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि सिक रूम उच्च शिक्षा विभाग और नैक के नियमों के तहत अनिवार्य है और कॉलेज में नियमानुसार मौजूद है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ छात्र संगठन भ्रम फैलाकर कॉलेज की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं. प्रशासन का दावा है कि सभी नियमों का पालन किया जा रहा है.

ऑडियो क्लिप और आंदोलन की अगली कड़ी
जानकारी के लिए आपको बता दे कि हाल ही में कुछ समय पहले प्राचार्य से जुड़ी एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद आंदोलन और तेज हुआ था. छात्र नेताओं का दावा है कि इस ऑडियो में प्राचार्य की कार्यशैली और छात्रों के प्रति रवैये पर गंभीर सवाल उठते हैं. इसके बावजूद कार्रवाई न होने से छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है. सोमवार से लेकर मंगलवार तक कार्यकर्ता कॉलेज परिसर में धरने पर बैठे और प्राचार्य को तत्काल हटाने की मांग दोहराई.

मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
आनंद पांडे ने खून से लिखे पत्र के जरिए मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और प्राचार्य को पद से हटाने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा. अब यह देखना होगा कि प्रशासन और शासन इस बढ़ते आंदोलन पर क्या रुख अपनाते हैं क्योंकि फिलहाल कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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