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Sagar News: अगर कोई दुकानदार किसी को पानी पीते देख लेता है, तो रोक देता है. जिन्हें नहीं देख पाए, वे लोग इस पानी को पी लेते हैं. दुकानदारों ने कहा कि नगर निगम को पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था कर हैंडपंप को बंद कर देना चाहिए.
सागर. मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद सागर नगर निगम क्षेत्र में जल स्रोतों के पानी की जांच कराई जा रही है. जगह-जगह सैंपल लिए जा रहे हैं लेकिन इन जांच सैंपल्स में कुएं से लेकर नलकूप और बावड़ियों की गंभीर स्थिति निकालकर सामने आ रही है. ऐसे ही सागर शहर के सबसे अमीर इलाके बड़ा बाजार से चौंकाने वाली खबर सामने आई है क्योंकि जिस चौपाटी पर लगे हैंडपंप के पानी को रोजारा दर्जनों दुकानदार चाट-फुल्की, समोसा, पोहा से लेकर मंगोड़ी, आलू वड़ा, चाय आदि बनाने में उपयोग करते हैं और हजारों लोग जिसे पीते हैं, वह पीने योग्य है ही नहीं. इस हैंडपंप के पानी का सैंपल जांच में फेल निकला है. इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया क्योंकि लंबे समय से लोग इस पानी का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. इसकी जानकारी मिलते ही दुकानदारों ने कैंपर से पानी खरीदकर खाद्य पदार्थ बनाना शुरू किया. उनका कहना है कि जब तक स्थिति ठीक नहीं होगी, तब तक वे लोग या तो घर से पानी लेकर आएंगे या फिर खरीदकर इस्तेमाल करेंगे.
नगर निगम द्वारा यहां पर पीने के पानी का इंतजाम नहीं किया गया है. स्थानीय दुकानदारों की मांग है कि नगर निगम को कुछ वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए क्योंकि आज भी हैंडपंप चालू है. जिन लोगों को पता है कि वे इसका उपयोग बर्तन धोने या अन्य कार्यों में कर रहे हैं लेकिन जिन्हें पता नहीं है, वे चाट-फुल्की खाने के बाद इसी हैंडपंप का पानी पी लेते हैं. अगर कोई दुकानदार देख लेता है, तो रोक देता है. जिन्हें नहीं देख पाए, वे इस पानी को पी रहे हैं, इसलिए नगर निगम को वैकल्पिक व्यवस्था कर हैंडपंप को बंद कर देना चाहिए. दुकानदारों की मांग है कि नगर निगम को सुबह शाम टैंकर भेजना चाहिए.
खतरनाक स्तर पर नाइट्रेट की मात्रा
सैंपल लेने वाले निगम कर्मचारियों के अनुसार, हैंडपंप पानी में नाइट्रेट की मात्रा खतरनाक स्तर पर निकल रही है. पीने योग्य पानी में नाइट्रेट की मात्रा 45 एमजी से कम होनी चाहिए, जो इस पानी में 45 एमजी प्रति लीटर से भी अधिक निकली है जबकि पीएच जो 6.5 से नीचे नहीं होना चाहिए, वह 6 तक निकला. इससे साफ है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है. नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंदर जितने भी हैंडपंप की जांच अभी तक की गई है, उन सभी पानी के सैंपल में यह पता चला है कि उसका पानी पीने योग्य नहीं है. नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति हैंडपंप और कुएं के पानी का उपयोग न करें. जब तक जांच नहीं हो जाती है, तब तक लोग इस तरह का पानी पीने से बचें.
सागर में चाय-नाश्ते के होटलों में उपयोग होने वाले पानी का अलग-अलग जगह पर सैंपल लिया गया. वह भी अमानक निकला, जिसकी वजह से लोगों से अपील की गई है कि वे होटल का पानी पीने से बचें. दुकानदारों से भी कहा गया है कि वे बोरिंग हुआ और हैंडपंप के पानी का उपयोग न करें.
सीवेज का पानी आने की आशंका
श्रीराम चौक बड़ा बाजार में जिस हैंडपंप और कुएं के पानी में नाइट्रेट 45 एमजी प्रति लीटर से अधिक पाया गया है, वहां सीवेज का पानी आने की आशंका जताई गई है. शुरुआती जांच में अंदेशा लगाया जा रहा है कि जमीन के अंदर ही अंदर सीपेज से गंदा पानी कुआं-हैंडपंप में मिल रहा है. ऐसे में इस क्षेत्र में लोगों के घरों में जो हैंडपंप और बोरिंग आदि हैं, उनके पानी में भी नाइट्रेट की मात्रा मिलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है. नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि अपने घरों के हैंडपंप बोरिंग आदि के पानी का यदि पीने में उपयोग करते हैं, तो बिना जांच के न करें. बेहतर है कि राजघाट का पानी ही पिएं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.