छतरपुर केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित गांवों का कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विस्थापित किए जा रहे ग्रामीणों से संवाद किया और घोषणा की कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के छूटे हुए सभी लोगों को भी मुआवजा पैकेज दिया जाएगा। कलेक्टर ने
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कलेक्टर जैसवाल और पुलिस अधीक्षक (एसपी) अगम जैन ने ग्राम ढोड़न और डुगरिया में जन चौपाल लगाई। यहां उन्होंने ग्रामवासियों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को उनके पुनः परीक्षण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणों से अन्य स्थानों पर जाने की अपील करते हुए कहा कि जिस आबादी भूमि में वे निवास बनाएंगे, वहां उन्हें स्वामित्व का पट्टा दिया जाएगा।
बुधवार को आयोजित इन जन चौपालों में कलेक्टर और एसपी ने मुआवजा पैकेज वितरण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि लोगों की समस्याओं और मांगों के समुचित निराकरण के लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स लगातार भ्रमण कर नियमानुसार समस्याओं का समाधान करेगी।
कलेक्टर जैसवाल ने विस्थापन के दर्द को अत्यंत आहतकारी बताया और कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पूरा प्रशासन ग्रामवासियों के साथ है। ग्रामीणों की विशेष मांग पर, 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी छूटे हुए लोगों के मुआवजे के लिए पुनः परीक्षण कराया जाएगा।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की कि 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुआवजा राशि का वितरण हो चुका है। ऐसे परिवार अब अन्य स्थानों पर प्रस्थान करें और गांव खाली करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों के भुगतान के बिल विफल हुए हैं, उनका परीक्षण कर पुनः राशि भेजी जाएगी।






