सीहोर जिला चिकित्सालय में एक प्री-मैच्योर नवजात बच्ची की मौत हो गई। बच्ची का जन्म 2 जनवरी को हुआ था और उसका वजन केवल 900 ग्राम था। हालत गंभीर होने के कारण उसे जन्म के तुरंत बाद एसएनसीयू में भर्ती किया गया था।
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सिविल सर्जन डॉ. उमेश श्रीवास्तव के अनुसार, प्रसूता ममता पति संतोष जाट को 30 दिसंबर की शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 जनवरी की रात 2:22 बजे सामान्य प्रसव से बच्ची का जन्म हुआ।
एसएनसीयू में चला इलाज
जन्म के बाद नवजात की हालत बेहद नाजुक थी। उसे जिला अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में रखा गया, जहां लगातार इलाज किया जा रहा था। इसके बावजूद 5 जनवरी की दोपहर 3:30 बजे बच्ची की मौत हो गई।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
शिशु की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि प्रसव के समय डॉक्टर मौजूद नहीं थे और एसएनसीयू के डॉक्टर व स्टाफ ने उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया।
डॉक्टर और स्टाफ को कारण बताओ नोटिस
परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित डॉक्टर और स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
सिविल सर्जन ने बताया कि परिजनों ने प्रदर्शन से पहले किसी वरिष्ठ अधिकारी या डॉक्टर को शिकायत नहीं दी थी। महिला डॉक्टर के अनुसार, प्रसूता की जांच की गई थी और लेबर रूम में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ ने सुरक्षित प्रसव कराया था। मामले की जांच की जा रही है।