जैतहरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 से सटे जंगल और राजस्व की भूमि पर गुरुवार को एक तेंदुए का शव संदिग्ध हालत में पाया गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।
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इसके बाद सीसीएफ शहडोल, वनमंडल अधिकारी अनूपपुर, परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी के साथ बांधवगढ़ और जैतहरी के पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। जांच में पाया गया कि तेंदुए की मौत बिजली के करंट से हुई है। आसपास की जांच में बिजली के तार के साथ कुछ अन्य सामग्री भी मिली। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने डॉग स्क्वाड की मदद से तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
उनसे पूछताछ जारी है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संभवतः जंगली सूअर के शिकार के लिए उच्च क्षमता का करंट बिछाया गया था, जिसकी चपेट में आने से तेंदुए की मौत हो गई।दोपहर को बांधवगढ़ एवं जैतहरी की पशु चिकित्सा टीम ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद अधिकारियों की उपस्थिति में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण पर अब तक वन मंडल अधिकारी ने चुप्पी साध रखी है। एक माह के भीतर क्षेत्र में यह दूसरे तेंदुए की मौत का मामला है, जिसने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले, जैतहरी के रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक तेंदुए की मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार के दौरान सीसीएफ शहडोल, डीएफओ विपिन कुमार पटेल, एसडीओ वन विभाग लाल बहादुर सिंह, रेंजर विवेक मिश्रा के साथ बांधवगढ़ की फोरेंसिक टीम और वन अमला मौजूद रहा।