राजगढ़ के खिलचीपुर क्षेत्र में राजस्थान से आए चरवाहों के एक डेरे पर दो बार हमला हुआ है। इन हमलों में कुल 24 भेड़ें चोरी हो गईं, जिससे चरवाहे दहशत में हैं और अपना डेरा बदलने को मजबूर हैं।
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जालोर जिले के पांचोटा गांव निवासी ईदूराम रेवारी ने बताया कि वे अपने मालिक की लगभग 1100 भेड़ें और 9 ऊंट लेकर पिछले दो माह से खिलचीपुर के ग्रामीण इलाकों में डेरा डाले हुए हैं। उनके साथ करीब 15 लोग हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। रोजी-रोटी के लिए भेड़ें चराने आए ये परिवार अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ईदूराम के अनुसार, 3 जनवरी को, जब उनका डेरा खिलचीपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुरा गांव के पास था, तब 15 से 20 लोगों ने अचानक उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में हमलावरों ने लगभग 20 भेड़ें चुरा लीं। डेरे में मौजूद लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए पत्थर फेंके, जिसके बाद हमलावर भाग निकले। जाते समय उन्होंने अपने एक साथी को “बिरम, जल्दी भागो” कहते हुए आवाज दी।
शिकायत के बाद भी दोबारा हमला घटना के बाद, ईदूराम ने उसी दिन खिलचीपुर थाने में एक व्यक्ति का नाम बताते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई और फिर वे अपना डेरा लेकर आगे बढ़ गए। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी हमलावरों का पीछा जारी रहा। बुधवार को जब उनका डेरा सडियाकुआ रोड पर था, तब 15 से अधिक लोग एक बार फिर वहां पहुंचे और दोबारा पत्थरबाजी की। इस दूसरे हमले में भी आरोपियों ने 4 भेड़ें चुरा लीं।
बचाव में ईदूराम और सुनाराम ने गोपन से पत्थर फेंके, जिससे हमलावर मौके से फरार हो गए। भागते समय उनकी दो बाइक वहीं छूट गईं, जिन्हें बाद में खिलचीपुर थाने पहुंचाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस दूसरी घटना को लेकर भी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
24 भेड़ें चुराने का आरोप ईदूराम ने कहा, “हम गरीब चरवाहे हैं और मेहनत-मजदूरी कर भेड़ों को चराने आए हैं, लेकिन इन लोगों ने दो बार हमला कर हमारी कुल 24 भेड़ें चुरा लीं। वे लगातार हमारा पीछा कर रहे हैं, इसी डर से हमें बार-बार डेरा बदलना पड़ रहा है और छिपकर रहना पड़ रहा है। हमने थाने में शिकायत की है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।”