गौतम रिसॉर्ट फूड पॉइजनिंग केस, पुलिस से न्याय की मांग: छतरपुर में एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं; आरोप- रिपोर्ट में कीटनाशक मिल चुके – Chhatarpur (MP) News

गौतम रिसॉर्ट फूड पॉइजनिंग केस, पुलिस से न्याय की मांग:  छतरपुर में एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं; आरोप- रिपोर्ट में कीटनाशक मिल चुके – Chhatarpur (MP) News



छतरपुर जिले के खजुराहो स्थित गौतम रिसॉर्ट में 8 दिसंबर 2025 को हुए फूड पॉइजनिंग मामले को लेकर मृतकों के परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जहरीला भोजन खाने से पांच कर्मचारियों की मौत के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने गुरुवार को पुलिस

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परिजनों का कहना है कि घटना के बाद रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से प्रत्येक प्रभावित परिवार को केवल 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई थी। इसके बाद किसी तरह की अन्य मदद नहीं मिली है। वहीं, परिजनों ने आरोप लगाया है कि फूड लाइसेंस रद्द होने के बावजूद गौतम रिसॉर्ट अब भी संचालित हो रहा है, जो प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है।

आरोप- मालिक पर आज तक कार्रवाई नहीं मृतक के परिजन हरिशंकर सोनी ने बताया कि घटना को एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी तरह मृतक के बेटे बबलू कुशवाहा ने कहा कि उनके पिता की मौत रिसॉर्ट में खाना खाने से हुई, फिर भी होटल मालिक पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों ने एसपी से निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है।

मृतक परिवारों में से एक 11 साल का नाबालिग बच्चा भी है, जिसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी थी। फूड पॉइजनिंग मामले में अब उसके पिता की भी मौत हो गई है, जिससे वह अनाथ हो गया है। यह नाबालिग बच्चा भी एसपी के पास आवेदन लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा है।

पांच कर्मचारियों की हुई थी मौत गौरतलब है कि 8 दिसंबर को रिसॉर्ट के कर्मचारियों ने भोजन करने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने की शिकायत की थी। इलाज के दौरान पांच कर्मचारियों की मौत हो गई थी।

एफएसएल रिपोर्ट में भोजन में खतरनाक फॉस्फेट कंपाउंड और कीटनाशक की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रशासन ने रिसॉर्ट का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की कार्रवाई की, लेकिन परिजनों का आरोप है कि यह कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है।



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