Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana: रीवा के कई क्षेत्रों में नहरीकरण तो हो चुका है, लेकिन किसानों के खेतों तक पानी देर से पहुंचता है, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है. कहीं-कहीं खेतों में नहरों का पानी भर जाने से फसलें भी बर्बाद हो जाती हैं. ऐसे में कृषि सिंचाई योजना किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है. किसानों को सिंचाई के लिए कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सही तरीके से सिंचाई न होने के कारण फसलों को नुकसान होता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू की है. जिसका उद्देश्य हर खेत को पानी पहुंचाना है. इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 10 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा है और इसमें किसानों को 90% तक सब्सिडी मिल सकती है.
इस योजना की शुरुआत 2015 में की गई थी. अच्छी खेती इस बात पर निर्भर करती है कि कितनी बारिश हुई है. कम बारिश होने पर सूखे और ज्यादा बारिश होने पर बाढ़ का खतरा होता है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य पानी की बर्बादी को रोकते हुए हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना है. इस योजना का संचालन जल शक्ति मंत्रालय और कृषि मंत्रालय मिलकर करते है. इसमें सरकार ड्रिप इरीगेशन तकनीक के इस्तेमाल के लिए किसानों को प्रोत्साहित करती है. जिससे 40 से 60% तक पानी की बचत होती है. इसके अलावा, स्प्रिंकलर के उपयोग से भी पानी की बचत होती है और फसलों की पैदावार में वृद्धि होती है.
इस योजना के माध्यम से किसान सालाना 20,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक बचा सकते है, क्योंकि इससे पानी की बचत होगी और खेती की लागत में कमी आएगी. साथ ही किसानों की कमाई में भी वृद्धि होगी. गुजरात, राजस्थान जैसे पानी की कमी वाले इलाकों में किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है. जहां लगभग 90% तक सब्सिडी मिल सकती है.
छोटे या सीमांत किसानों को इस योजना के तहत अधिकतम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की 90% सब्सिडी मिल सकती है. सामान्य किसान लगभग 40,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की 80% सब्सिडी का लाभ उठा सकते है. प्राप्त हुई सब्सिडी का उपयोग किसानों को 2 साल के अंदर करना होगा, नहीं तो राशि वापस ले ली जाएगी.
इस योजना के लिए आवेदन करने के इच्छुक किसान www.pmksy.gov.in या myscheme.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते है. आवेदन के लिए आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी. रजिस्ट्रेशन के बाद किसानों को क्षेत्र, मशीन आदि का चुनाव करना होगा. कृषि विभाग द्वारा आवेदन का वेरिफिकेशन किया जाएगा और लॉटरी के माध्यम से सब्सिडी की राशि किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी.
आवेदन करने वाले किसान को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी. आधार कार्ड. पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जमीन के कागजात (खसरा खतौन की कॉपी) बैंक पासबुक की कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो. मुख्य रूप से आधार से लिंक मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का होना अनिवार्य है. किसान इसका रजिस्ट्रेशन एमपी किसान एप के माध्यम से भी कर सकते है.