शहर की अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर पुलिस की बहुचर्चित और हाई-रिस्क कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किए गए बदमाशों का जेल में रहना महज औपचारिक साबित हुआ। जिन आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को पथराव, मारपीट और भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा, वे मात्र 48 घंटे
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सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जमानत के लिए कोर्ट में जिन व्यक्तियों को जमानतदार बताया गया, उनमें से दो की पहले ही मौत हो चुकी थी।
महीनों की प्लानिंग के बाद रात 4 बजे दी थी दबिश 27 और 28 दिसंबर की दरमियानी रात करीब चार बजे पुलिस ने अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर दबिश दी थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां देश के विभिन्न हिस्सों में वांछित बदमाश छिपे हुए हैं। महीनों की निगरानी और रणनीति के बाद की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव और मारपीट की गई। हालात बेकाबू होने के बावजूद पुलिस ने मौके से 22 पुरुषों और 10 महिलाओं को हिरासत में लिया।
कई शहरों और राज्यों में चोरी, लूट और ठगी में शामिल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़ और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कई आरोपी पहले भी दूसरे शहरों और राज्यों में चोरी, लूट और ठगी की वारदातों में संलिप्त रह चुके हैं।
लगातार दो दिन फर्जी जमानतदार पेश 5 जनवरी को 10 आरोपियों की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। जमानत के लिए जमील रहमान खान नामक व्यक्ति को जमानतदार बताया गया और उसके नाम के भूमि संबंधी दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। बाद में जांच में सामने आया कि जमील रहमान खान की दो साल पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बावजूद किसी अन्य व्यक्ति को उसी नाम से कोर्ट में पेश कर जमानत हासिल कर ली गई।
इसके अगले दिन 6 जनवरी को चार और आरोपियों को भी दूसरे फर्जी जमानतदार के जरिए राहत मिल गई। इस तरह कुल 14 आरोपी जेल से बाहर आ गए।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस और अभियोजन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि फर्जी जमानतदारों के इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और जिम्मेदारों पर कब शिकंजा कसा जाता है।

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भोपाल के ईरानी डेरे में पुलिस से झूमाझटकी-पत्थर फेंके भोपाल में हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने पहुंची पुलिस पर हमला हो गया। पहले स्थानीय महिलाओं ने पुलिस का रास्ता रोका, फिर पुरुषों के साथ मिलकर जवानों से झूमाझटकी की। पुलिस ने लाठी चार्ज कर हंगामाइयों को खदेड़ा। बलवा करने के आरोप में 24 पुरुष और 10 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें पूरी खबर