शिवपुरी जिले के करैरा कस्बे में चंगेज पहाड़ी पर हुए अवैध उत्खनन के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुरम और बोल्डर के अवैध खनन को सही मानते हुए दोषियों पर 54 करोड़ 58 लाख 32 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई लंबे समय स
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यह मामला करैरा तहसील के सर्वे नंबर 1898 भाग से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि यहां भारी मशीनों और ब्लास्टिंग का इस्तेमाल कर पहाड़ी को लगभग पूरी तरह समतल कर दिया गया था। करैरा के पूर्व पार्षद दिलीप सिंह यादव ने लगातार शिकायत कर आरोप लगाया था कि पहाड़ी खत्म कर अवैध प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही है, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
जांच में सामने आया बड़ा खुलासा
संयुक्त जांच में मौके पर 1 लाख 81 हजार 944 घनमीटर मुरम और बोल्डर का अवैध उत्खनन पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने करैरा निवासी भावेश गोयल, वीनस गोयल और राजेश गोयल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
54 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया
खनिज विभाग के प्रस्ताव के अनुसार मध्य प्रदेश खनिज नियम 2022 के तहत रॉयल्टी का 15 गुना अर्थदंड 13 करोड़ 64 लाख 58 हजार रुपये तय किया गया। इतनी ही राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में भी लगाई गई। इस तरह कुल मिलाकर दोगुनी राशि 54 करोड़ 58 लाख 32 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
30 दिन में राशि जमा करने के निर्देश
आदेश में संबंधित लोगों को 30 दिनों के भीतर यह राशि खनिज मद 0853 में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में राशि जमा नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कॉलोनी पर भी नजर
इसके अलावा अनुविभागीय अधिकारी करैरा को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थल निरीक्षण कर खसरा रिकॉर्ड की जांच करें। यदि मौके पर अवैध कॉलोनी या छोटे भू-खंडों की खरीद-फरोख्त पाई जाती है, तो मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 339(ग) के तहत मामला दर्ज कर 15 दिन में रिपोर्ट पेश करनी होगी।