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CY25 में मारुति सुजुकी ने 17,86,226 यूनिट्स बेचकर टॉप स्थान बरकरार रखा, महिंद्रा की ग्रोथ सबसे तेज रही, टाटा मोटर्स, ह्युंडई मोटर इंडिया और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर टॉप फाइव में रहे.
भारत के कार बाजार ने CY25 में अपनी मजबूती के साथ आगे बढ़ना जारी रखा, लेकिन अगर कंज्यूमर सेल्स को करीब से देखा जाए तो देश के सबसे बड़े कार निर्माताओं के बीच कुछ दिलचस्प बदलाव नजर आते हैं. जहां पुराने नाम अब भी टॉप पर बने हुए हैं, वहीं मार्केट शेयर और साल-दर-साल ग्रोथ में आए बदलाव एक अलग कहानी बयां करते हैं. आक्रामक एसयूवी से लेकर स्थिर मास-मार्केट परफॉर्मर्स तक, यहां CY25 की उपभोक्ता बिक्री के आधार पर भारत के टॉप पांच कार निर्माता कंपनियों की जानकारी दी गई है जिन्होंने 2025 में ग्राहकों का दिल जीता.

मारुति सुजुकी अब भी भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बनी हुई है. CY25 में कंपनी ने 17,86,226 यूनिट्स बेचीं, जिससे उसे 39.91 प्रतिशत मार्केट शेयर मिली. हालांकि यह मारुति को टॉप पर बनाए रखता है, लेकिन CY24 के मुकाबले इसकी पकड़ थोड़ी कमजोर हुई है, जब इसकी मार्केट शेयर 40.24 प्रतिशत थी.

महिंद्रा CY25 के सबसे बड़े विजेताओं में से एक बनकर उभरी है. ब्रांड ने 5,92,771 यूनिट्स बेचीं, जिससे उसे 13.25 प्रतिशत मार्केट शेयर मिली, जो CY24 में 12.08 प्रतिशत थी. यह ग्रोथ कोई संयोग नहीं है. महिंद्रा की मजबूत एसयूवी-आधारित पोर्टफोलियो और स्कॉर्पियो-एन, XUV700 और थार जैसी गाड़ियों की वेटिंग लिस्ट के चलते डिमांड ने भारतीय खरीदारों को काफी प्रभावित किया है. महिंद्रा की बढ़त यह भी दिखाती है कि उपभोक्ताओं की पसंद अब बड़ी और मजबूत गाड़ियों की तरफ बढ़ रही है. होलसेल के मामले में महिंद्रा ने अपनी फैक्ट्रियों से 6,25,603 यूनिट्स भेजीं.
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टाटा मोटर्स ने CY25 में 5,67,607 यूनिट्स की उपभोक्ता बिक्री के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. हालांकि, इसकी मार्केट शेयर घटकर 12.68 प्रतिशत रह गई, जो पिछले साल 13.18 प्रतिशत थी. बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद, टाटा को कॉम्पैक्ट एसयूवी और ईवी सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का दबाव झेलना पड़ रहा है. कंपनी की सालभर की होलसेल बिक्री 5,78,771 रही.

ह्युंडई मोटर इंडिया ने CY25 में 5,59,558 यूनिट्स बेचीं, जिससे उसे 12.50 प्रतिशत मार्केट शेयर मिली. यह CY24 के 13.76 प्रतिशत के मुकाबले काफी गिरावट है.

टॉप पांच में आखिरी नाम टोयोटा किर्लोस्कर मोटर का है, जिसने 3,20,703 यूनिट्स बेचीं, जिससे उसे 7.17 प्रतिशत मार्केट शेयर मिली, जो पिछले साल 6.39 प्रतिशत थी. टोयोटा की लगातार बढ़त का श्रेय उसकी एमपीवी गाड़ियों की मजबूत डिमांड और मारुति सुजुकी के साथ मिलकर बनाए गए सफल बैज-इंजीनियर्ड प्रोडक्ट्स को जाता है. ब्रांड की विश्वसनीयता की पहचान अब भी उसके पक्ष में काम कर रही है.