मंडला जिले के अंजनिया वन परिक्षेत्र में शुक्रवार शाम एक बाघ का शव मिला। ग्रामीणों ने जंगल में बाघ को मृत देखा, इसके बाद इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई।
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डॉग स्क्वायड से जांच, अंधेरे में हुई प्राथमिक पड़ताल
वन विभाग ने मौके पर डॉग स्क्वायड बुलाकर जांच शुरू कराई। पूर्व सामान्य वनमंडल की डीएफओ प्रीता एसएम ने बताया कि शाम होने और अंधेरा होने के कारण केवल प्राथमिक जांच ही की जा सकी। जांच के दौरान बाघ के पिछले हिस्से में सड़न और चोट के निशान पाए गए हैं।
करीब साढ़े तीन साल उम्र
स्थानीय डॉक्टर द्वारा किए गए प्रारंभिक परीक्षण में बाघ की उम्र लगभग साढ़े तीन वर्ष बताई गई है। प्रथम दृष्टया यह एक युवा मादा बाघ होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आपसी संघर्ष की आशंका
डीएफओ प्रीता एस.एम. ने बताया कि बाघ के पिछले हिस्से में मिले चोट के निशानों को देखते हुए किसी अन्य बाघ के साथ संघर्ष की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि बाघ की मौत के वास्तविक कारणों का पता शनिवार सुबह होने वाले पोस्टमॉर्टम के बाद ही चल सकेगा।

रिपोर्ट के बाद होगी आधिकारिक पुष्टि
वन विभाग ने बताया कि शनिवार को वन्यजीव विशेषज्ञ डॉक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की मौत का कारण, उसकी सही उम्र की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।