Recipe : मकर संक्रांति, जो सूर्य देवता से जुड़ा प्रमुख पर्व है, भारत के अलग-अलग हिस्सों में विशेष उत्साह से मनाया जाता है. लेकिन विंध्य क्षेत्र में इस पर्व का जश्न खिचड़ी से जोड़कर मनाने की एक अनोखी परंपरा है. यहां खिचड़ी न केवल भोजन का हिस्सा है, बल्कि इसके पीछे गहरी लोक मान्यताएं और कथाएं भी छिपी हैं.मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे उत्तरायण कहा जाता है. इस खगोलीय घटना को शुभ मानते हुए, लोग सूर्य देवता की पूजा-अर्चना करते हैं. कई स्थानों पर मकर संक्रांति को खिचड़ी पर्व के नाम से जाना जाता है, क्योंकि इस दिन खिचड़ी बनाकर खाने और दान करने की परंपरा है.
नवीन चावल से बनने वाली पहली खिचड़ी का विशेष महत्व है. यह खिचड़ी भगवान सूर्य को समर्पित की जाती है. विंध्य के लोग खिचड़ी में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों को नवग्रहों से जोड़ते हैं, जैसे:
चावल – चंद्रमा से जुड़ा
उड़द दाल – शनि का प्रतीक
हल्दी – गुरु ग्रह का प्रतिनिधित्व
हरी सब्जियां – बुध से संबंधित
घी – सूर्य देव का राजा तत्व
लोक मान्यताएं और खिचड़ी की पौराणिक कथाएं
मान्यता है कि खिचड़ी नवग्रहों को संतुलित करने और शुभ फल प्राप्त करने का प्रतीक है. खिचड़ी बनाकर इसे सूर्य देवता को अर्पित किया जाता है, फिर इसे ब्राह्मणों को दान देकर अपने भोजन में शामिल किया जाता है. यह परंपरा अन्नदान और परोपकार का संदेश भी देती है. अब आइए जान लेते हैं कि आखिर मकर संक्रांति पर ये विशेष खिचड़ी कैसे बनाई जाती है कौन-कौन सी सामग्री की जरूरत पड़ेगी.
2 बड़े टमाटर
2 हरी मिर्च
आधा छोटा चम्मच हींग
3 बड़े चम्मच घी
थोड़ा सा अदरक
आधा छोटा चम्मच हल्दी
आधा चम्मच गरम मसाला
आवश्यकता अनुसार नमक
आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 कप चावल
1 मूंग दाल
2 बड़े प्याज
2 चम्मच जीरा
7-8 कढी पत्ता
1 कटोरी हरा मटर.
मूंग दाल की खिचड़ी बनाने की विधि
इस खिचड़ी को बनाने के लिए सबसे पहले मूंग दाल और चावल को धोकर इसे लगभग 10 मिनट के लिए अलग रखें.
अब मध्यम आंच पर प्रेशर कुकर रखें. इसमें घी डालें. इसमें थोड़ा जीरा और हींग डालें. इसके बाद कटे हुए प्याज, हरे मटर डालें. इन्हें कुछ देर तक फ्राई करें. इसके बाद इसमें कटे हुए टमाटर और मिर्च डालें. इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक डालें, इसे कुछ देर तक भूनें.
इसके बाद इसमें चावल और मूंग दाल डालें. इसमें नमक, हल्दी गरम मसाला दो मिनट तक भून लें अब पानी डालें. फिर कुकर को बंद कर दें. इसमें लगभग 2 से 3 सीटी आने दें. इसके बाद गैस को बंद कर दें.
सीटी निकलने के बाद कुकर के ढक्कन को खोलें. फिर एक पैन में देसी घी एक चम्मच डालें उसमें कढी पत्ता और लहसुन डालकर तड़का लगा लें तड़के खिचड़ी में डाल दीजिए. इसे घी और हरे धनिए से गार्निश करें. इसके बाद गर्मागर्म परोसें. इसमें आप नींबू का रस भी डाल सकते हैं. फ्राई दही के साथ परोस सकते हैं.
मूंग दाल की खिचड़ी के फायदे
ये खिचड़ी फाइबर, विटामिन सी, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर होती है. ये बहुत ही पौष्टिक होती है. ये पोषक तत्व आपकी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है. ये स्वास्थ्य संबंधित कई समस्याओं को दूर करने का काम करते हैं. ये खिचड़ी पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने का काम करती है.