मछुआरों पर महरबान हुई सरकार! 90% सब्सिडी, मोटरसाइकिल और आइस बॉक्स का फायदा

मछुआरों पर महरबान हुई सरकार! 90% सब्सिडी, मोटरसाइकिल और आइस बॉक्स का फायदा


मोहन ढाकले/बुरहानपुर. अगर आप बुरहानपुर जिले में रहते हैं और मछली पकड़ने या बेचने का काम करते हैं, तो आपके लिए सरकार की यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है. अब मछली पालन सिर्फ गुज़ारे का साधन नहीं, बल्कि कमाई बढ़ाने का मजबूत जरिया बन रहा है. इसी सोच के साथ मत्स्य पालन विभाग ने धरती आभा योजना शुरू की है, जिसका मकसद मछुआरों की आमदनी बढ़ाना है.

धरती आभा योजना के तहत 90% अनुदान, 1 लाख का सामान

इस योजना के तहत एसटी (अनुसूचित जनजाति) वर्ग के मछुआरों को करीब 1 लाख रुपये की सुविधा दी जा रही है, जिसमें 90 फीसदी अनुदान सरकार की ओर से मिलेगा. योजना के अंतर्गत मछुआरों को एक मोटरसाइकिल और आइस बॉक्स दिया जाएगा.इसका सीधा फायदा यह होगा कि मछुआरे अब सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि गांव-गांव जाकर मछली बेच सकेंगे और ज्यादा दाम पर बिक्री कर पाएंगे.

विभागीय प्रभारी ने दी पूरी जानकारी

लोकल 18 से बातचीत में मत्स्य विभाग के प्रभारी सुमित मांडवकर ने बताया कि यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो मछली बेचने का काम करते हैं और एसटी कैटेगरी से आते हैं.उन्होंने बताया कि सरकार चाहती है कि मछुआरे खुद का छोटा व्यवसाय खड़ा करें. मोटरसाइकिल और आइस बॉक्स मिलने से मछली को सुरक्षित तरीके से दूर-दराज के इलाकों तक ले जाया जा सकेगा, जिससे आमदनी में सीधा इजाफा होगा.

आवेदन प्रक्रिया आसान, बस ये दस्तावेज जरूरी

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको ज्यादा भागदौड़ करने की जरूरत नहीं है. इसके लिए सीधे मत्स्य पालन विभाग कार्यालय में आवेदन करना होगा.

आवेदन के समय आपको ये दस्तावेज साथ रखने होंगे:

आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र (एसटी)

जैसे ही आवेदन स्वीकृत होता है, आपको योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा. ध्यान रहे, यह योजना केवल एसटी वर्ग के मछुआरों के लिए ही है.

मछली बेचकर बढ़ेगी आमदनी

अब तक कई मछुआरे सिर्फ स्थानीय बाजार तक ही मछली बेच पाते थे. दूर जाने के साधन और बर्फ की सुविधा न होने से मुनाफा सीमित रह जाता था. इस योजना के जरिए सरकार ने यह समस्या दूर कर दी है. मोटरसाइकिल मिलने से आवाजाही आसान होगी और आइस बॉक्स से मछली लंबे समय तक ताज़ा रहेगी. इससे बिक्री बढ़ेगी और मछुआरों की आय भी.



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