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Tulsi Puja Niyam: तुलसी के पौधे को सूरज ढलने के बाद में छूना वर्जित माना जाता है, इसलिए भूलकर भी शाम के समय तुलसी के पत्ते न तोड़ें. तुलसी स्थान पर दीया जलाते समय चावल का आसन देना चाहिए.
उज्जैन. हिंदू धर्म के अनुसार, हमारे घर के आंगन में पूजा करने के लिए एक तुलसी की पौधा लगाया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी पूजा कैसे की जाती है. कहीं आप भी तो पूजा गलत तरीके से नहीं करते, तो आइये जानते हैं तुलसी पूजा की सही और सटीक विधि. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज लोकल 18 को बताते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नियमित रूप से तुलसी पूजन करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है लेकिन शाम के समय तुलसी पूजा को करते समय नियमों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है. माना जाता है कि यदि आप गलत तरह से पूजन करते हैं या पूजा करते समय कुछ गलतियां करते हैं, तो आपको कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, जहां आयुर्वेद में तुलसी को बेहद लाभप्रद माना जाता है, तो वहीं हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है. वास्तु शास्त्र में भी तुलसी को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला पौधा कहा गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहां पर तुलसी का पौधा लगा होता है और हर दिन उसकी पूजा की जाती है और जल से सींचा जाता है, वहां पर सदैव भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. ऐसे घरों में कभी भी खुशहाली और धन-धान्य की कमी नहीं होती है. तुलसी पूजन करते समय भी कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी होता है. तुलसी पूजन के समय की गई कुछ गलतियों के कारण आपको धन हानि उठानी पड़ सकती है.
सरसों के तेल का दीपक जलाएं
जब भी शाम को आरती करते समय तुलसी माता का पूजन करें, तो सबसे पहले घी या सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. फिर धूप-दीप जलाना चाहिए. आरती के समय फूल, रोली, अक्षत, चंदन, सिंदूर आदि चढ़ाना चाहिए. चावल के दाने यानी अक्षत चढ़ाना चाहिए. मिठाई या फल का भोग लगाना चाहिए. तुलसी माता की आरती करके परिक्रमा करनी चाहिए. तुलसी माता के मंत्रों का जाप करना चाहिए.
भूल से भी न करे ये गलतियां
तुलसी के पौधे को सूरज ढलने के बाद में छूना वर्जित बताया गया है, इसलिए भूलकर भी शाम के समय तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. तुलसी में दीपक जलाते समय चावल का आसन देना चाहिए. तुलसी पूजन करते समय बालों को खुला नहीं रखना चाहिए. शाम के समय तुलसी की आरती करनी चाहिए लेकिन भूलकर भी जल नहीं देना चाहिए.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.