सर्दियों की खास लखौरी भाजी, मिनटों में बनाएं ये देसी रेसिपी,आयुर्वेद की फेवरेट

सर्दियों की खास लखौरी भाजी, मिनटों में बनाएं ये देसी रेसिपी,आयुर्वेद की फेवरेट


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Recipe : लखौरी भाजी बालाघाट, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में लोकप्रिय है. रमेश सेवलानी के अनुसार इसमें फाइबर, कैल्शियम, आयरन है, लेकिन अधिक सेवन से नुकसान भी हो सकता है. महीने में दो बार ही खाएं.

Recipe : ठंड के दिनों में तरह-तरह की सब्जियां मार्केट में आती है. ठंड में सब्जियां आसानी से कम कीमत में मिलती है. ऐसे में लोग ठंड के दिनों में कई तरह की भाजियों का स्वाद घर पर लेते हैं. एक ऐसी ही भाजी है, जो भारत के कुछ ही इलाकों में देखने को मिलती है. उन्हीं में से एक है लखौरी की भाजी, जिसे कुछ इलाकों में तिवड़ा भाजी भी कहते हैं. ये मध्य प्रदेश के बालाघाट में खूब खाई जाती है. वहीं, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ में इसकी खेती होती है और खाई जाती है. इसे खाने के अपने फायदे है. ऐसे में लोकल 18 ने बालाघाट के जाने माने आयुर्वेदिक चिकित्सक रमेश सेवलानी से बातचीत की और इसके खाने फायदे और नुकसान पर बातचीत की, जानिए उन्होंने क्या बताया…

सबसे पहले जानिए इसकी खेती के बारे में
लखौरी की खेती नवंबर में होती है, जहां पर कि खड़ी धान में लखौरी के बीजों का छिड़काव किया जाता है. इसे उतेरा क्रॉप कहते हैं. पहले जब सिंचाई के साधन नहीं हुआ करते थे, तब किसान धान की नमी का इस्तेमाल रबी की फसलों की बुवाई और अंकुरण के लिए करते थे. ऐसे में धान की कटाई तक उसमें आसानी से अंकुरण आ जाता और वह उग जाती थी. ऐसे में दिसंबर-जनवरी में इसकी पत्तियां कोमल हो जाती है, जिसकी सब्जी बनाई जाती है. वहीं, फरवरी तक फसल पक जाती है, जिसकी दाल निकाली जाती है.

जानिए कैसे बनती है भाजी
लखौरी भाजी बनाने के लिए लखौरी भाजी, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, लहसुन की जरूरत पड़ती है. इसमें लखौरी को अच्छी तरह बारीक काट ले. वहीं, प्याज और टमाटर को भी बारिक काट ले. फिर एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें फिर जीरा डाले फिर प्याज और टमाटर डाल ले. फिर मसाले डाल ले. फिर कटी हुई भाजी भी डाल दें. फिर धीमी आंच में भाजी को पकाए. फिर थोड़ी देर बाद भाजी पककर तैयार हो जाएगी. इसे आप भाकर(मोटी रोटी), रोटी या फिर चावल के साथ खा सकते हैं.

अब जानिए लखौरी खाने के क्या है फायदे
आयुर्वेद चिकित्सक रमेश सेवलानी ने लखौरी की भाजी के बारे में बताते हुए बताया कि इसे खाने से शरीर को क्या फायदा होता है. इसमें फाइबर, कैल्शियम और आयरन पाया जाता है. इसके सेवन से खून की कमी दूर होती है. इसमें खनिज की मात्रा पाई जाती है. ऐसे में इसे संतुलित मात्रा में खाने से फायदेमंद रहती है.

महीने में कितनी बार खा सकते है लखौरी
आयुर्वेद चिकित्सक रमेश सेवलानी ने बताया कि इसे ज्यादा मात्रा में खाने से समस्या बन सकती है. इसके सेवन से दवाई उतर सकती है. वहीं, लकवा भी मार सकता है और दस्त भी लगते है. वात-पित्त का संतुलन भी बिगड़ सकता है. वहीं, एक्सपर्ट का मानना है कि इसे में महीने में दो बार खाना चाहिए.

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Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें

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