साइबर ठगों ने शातिर तरीके से निजी स्कूल संचालक को जाल में फंसा लिया। ठगों ने स्कूल के वाट्सएप ग्रुप पर ‘SBI आधार लिंक’ नाम से एपीके फाइल भेजी। जैसे ही संचालक ने फाइल पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने बैंक खाते से
.
इसके बाद बिलौआ थाना पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगों की पहचान करने में जुट गई है।
मोबाइल हैक कर कई ग्रुप में भेजी फाइल
प्रेमशंकर चौरसिया ने बताया कि बैंक वाले समय पर मदद करते तो एक लाख रुपए बच सकते थे। अतुल सिंह जादौन का कहना है कि साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया था और उनके नंबर से कई वाट्सएप ग्रुपों में एपीके फाइल भेजी गई।
दूसरे निजी स्कूल संचालक ने की थी फाइल शेयर
बिलौआ निवासी प्रेमशंकर चौरसिया (54) निजी स्कूल संचालक हैं। उनका स्कूल डबरा में संचालित होता है। प्रेमशंकर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन डबरा नामक एक वाट्सएप ग्रुप से जुड़े हुए हैं। इसी ग्रुप में 25 दिसंबर को एक अन्य निजी स्कूल संचालक अतुल सिंह जादौन के मोबाइल नंबर से एपीके फाइल ग्रुप में आई।
प्रेमशंकर ने जैसे ही उस फाइल पर क्लिक किया, उनका मोबाइल हैक हो गया। 26 दिसंबर को उनके मोबाइल पर ओटीपी आने लगे। इसके बाद बैंक खाते से पहले 49 हजार 500, फिर 93 हजार 329 और अंत में 1 लाख रुपए कट गए। तीन बार में 2 लाख 42 हजार 829 रुपए खाते से निकाल गए।
अनजान लिंक या किसी फाइल पर क्लिक न करें
साइबर क्राइम टीआई धर्मेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि कोई एपीके फाइल व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, एसएमएस या ईमेल के जरिए भेजी गई है तो सावधान रहें। इस फाइल में ठग ऐप इंस्टॉल कर देते हैं। इसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक हो सकता है, डेटा चोरी हो सकता है या बैंक अकाउंट से पैसे निकल सकते हैं। इसलिए अनजान एपीके फाइल या लिंक पर क्लिक न करें।