Shivpuri Tourist Point: पहाड़ियों के बीच गिरता दूधिया झरना, शिवपुरी का पनरियानाथ बना पसंदीदा पिकनिक स्पॉट

Shivpuri Tourist Point: पहाड़ियों के बीच गिरता दूधिया झरना, शिवपुरी का पनरियानाथ बना पसंदीदा पिकनिक स्पॉट


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Shivpuri Waterfall: पहाड़ियों के बीचो-बीच बना ये झरना सच में एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है. शिवपुरी जिले में स्थित यह खूबसूरत झरना देखने वालों का दिल जीत लेता है. यह जगह जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर और खनियाधाना से 12 किलोमीटर दूर पानरिया नाथ पर दूर-दूर से लोग पिकनिक मनाने आते है और दाल-बाटी, टिक्कड़ जैसी देसी चीज़ें बनाकर दिन का मज़ा लेते हैं.

Shivpuri Tourist Point: शहर की भीड़, शोर और भागदौड़ से दूर अगर सुकून के कुछ पल तलाश रहे हैं तो शिवपुरी जिले की पहाड़ियों के बीच छुपा पनरियानाथ का यह प्राकृतिक झरना आपको प्रकृति के बिल्कुल करीब ले जाता है. घनी हरियाली, ऊंची पहाड़ियां और बीच से गिरता दूधिया पानी का झरना. यह नज़ारा पहली ही नजर में मन मोह लेता है. यही वजह है कि दूर-दराज से लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंचते हैं, देसी स्वाद के साथ प्रकृति की गोद में दिन बिताते है. लेकिन इस खूबसूरत पिकनिक स्पॉट के पास मौजूद एक प्राचीन तालाब आज उपेक्षा का शिकार है, जो प्रशासन की अनदेखी पर सवाल खड़े करता है.

पहाड़ियों के बीचो-बीच बना ये झरना सच में एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है. शिवपुरी जिले में स्थित यह खूबसूरत झरना देखने वालों का दिल जीत लेता है. यह जगह जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर और खनियाधाना से 12 किलोमीटर दूर पानरिया नाथ पर दूर-दूर से लोग पिकनिक मनाने आते है और दाल-बाटी, टिक्कड़ जैसी देसी चीज़ें बनाकर दिन का मज़ा लेते हैं.

चारों तरफ घनी पहाड़ियां हैं और उनके बीच से गिरता हुआ यह प्राकृतिक झरना बहुत ही मनमोहक लगता है।.झरने के आसपास की हरियाली और खुला माहौल लोगों को अपनी ओर खींच लेता है. यहां की खूबसूरती ऐसी है कि पेड़-पौधे भी मानो आने वाले सैलानियों का स्वागत करते नजर आते है. यही वजह है कि लोग परिवार और दोस्तों के साथ यहां पिकनिक मनाने पहुंचते है.

पिकनिक के लिए भरपूर जगह
अगर आप पिकनिक का प्लान बना रहे है तो शिवपुरी की यह जगह आपके लिए खास हो सकती है. यहां आप अपनी फैमिली के साथ सुकून भरे पल बिता सकते है और प्रकृति के करीब रहकर अच्छा समय गुज़ार सकते है. यह पिकनिक स्पॉट ज्यादातर सुविधाओं से भरपूर है. यहां पर्याप्त पानी की व्यवस्था है और खाना बनाने के लिए लकड़ी भी आसानी से मिल जाती है. पिकनिक मनाने के लिए खुली और सुरक्षित जगह मौजूद है. जहां परिवार के साथ आराम से बैठकर खाने-पीने और घूमने का आनंद लिया जा सकता है.

तालाब वर्षों से इसी जंगल में मौजूद
पनरियानाथ के पास जंगल के बीचों-बीच एक प्राचीन तालाब भी मौजूद है जो अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखता है. स्थानीय लोगों के अनुसार यह तालाब राजा विक्रमादित्य के समय का बताया जाता है. वीरेंद्र सिंह परमार बताते है कि यह तालाब वर्षों से इसी जंगल में मौजूद है और कभी आसपास के इलाकों के लिए जल का प्रमुख स्रोत हुआ करता था. पुराने समय में साधु-संत और राहगीर भी इसी तालाब का उपयोग करते थे.

धरोहर उपेक्षा का शिकार
आज यह ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा का शिकार हो रही है. समय के साथ तालाब की हालत काफी खराब हो गई है, जगह-जगह गाद भर चुकी है और पानी भी पहले जैसा साफ नहीं रहा. हालांकि इस तालाब के जीर्णोद्धार को लेकर हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर दिए है. फिर भी प्रशासन और जल संसाधन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है. आदेश के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है.

पिकनिक मनाने वालों के लिए खास
अगर इस तालाब का सही तरीके से जीर्णोद्धार किया जाए तो यह न केवल ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित हो सकता है, बल्कि पनरियानाथ आने वाले पर्यटकों और पिकनिक मनाने वालों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है. साथ ही आसपास के जंगल और वन्यजीवों को भी इससे फायदा मिलेगा. लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस प्राचीन तालाब की सुध ले और इसे फिर से जीवित करे.

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शिवपुरी का पनरियानाथ बना पसंदीदा पिकनिक स्पॉट, पहाड़ों के बीच गिरता झरना



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