कार्डियोलॉजी विभाग के फ्लोर पर भर्ती मरीज
ग्वालियर में कड़ाके की सर्दी अब जानलेवा साबित हो रही है। सर्दी के कारण हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। जयारोग्य अस्पताल समूह (JAH) में बीते 15 दिन में हार्ट अटैक के 308 और ब्रेन स्ट्रोक के 123 मरीज पहुंचे हैं। इनमें से
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जयारोग्य अस्पताल में इलाज कराने वाले 16 मरीजों की मौत हार्ट अटैक से हुई है। जबकि ब्रेन स्ट्रोक के 15 मरीजों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले या इलाज शुरू होने के तुरंत बाद हो गई। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण जेएएच में बेड कम पड़ गए हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई मरीजों को जमीन पर लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन के सामने संसाधनों की कमी और मरीजों का बढ़ता दबाव बड़ी चुनौती बन गया है।
युवाओं में ज्यादा हार्ट अटैक, मल्टीपल ब्लॉकेज
इस साल हार्ट अटैक के मामलों में एक चिंताजनक बदलाव भी देखने को मिला है। अस्पताल में आने वाले मरीजों में 30 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के लोग अधिक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कई मरीजों में एक नहीं, बल्कि दो या उससे अधिक ब्लॉकेज पाए जा रहे हैं।
धूम्रपान, शराब और डायबिटीज बनी बड़ी वजह
हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में हार्ट अटैक बढ़ने की प्रमुख वजह डायबिटीज के साथ-साथ धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन है। सर्दी के मौसम में यह आदतें और ज्यादा घातक साबित हो रही हैं।
अस्पताल के बाहर ऑटो से उतरता हार्ट अटैक का मरीज
किस वजह से कब कितनी मौतें
तारीख – हार्ट अटैक से – ब्रेन स्ट्रोक से – न्यूनतम तापमान
29 दिसंबर – 0 – 1 – 9.0 डिग्री सेल्सियस
30 दिसंबर – 0 – 0 – 6.6 डिग्री सेल्सियस
31 दिसंबर – 2 – 0 – 8.4 डिग्री सेल्सियस
01 जनवरी – 1 – 1 – 10.1 डिग्री सेल्सियस
02 जनवरी – 1 – 0 – 10.2 डिग्री सेल्सियस
03 जनवरी – 3 – 1 – 7.7 डिग्री सेल्सियस
04 जनवरी – 0 – 0 – 6.4 डिग्री सेल्सियस
05 जनवरी – 2 – 0 – 6.4 डिग्री सेल्सियस
06 जनवरी – 2 – 3 – 7.3 डिग्री सेल्सियस
07 जनवरी – 1 – 2 – 8.7 डिग्री सेल्सियस
08 जनवरी – 1 – 0 – 7.1 डिग्री सेल्सियस
09.जनवरी – 2 – 0 – 5.0 डिग्री सेल्सियस
दांत, छाती और पेट के दर्द को नजरअंदाज नहीं करें
दांत, छाती और पेट में होने वाले दर्द को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है। इस बार चिंता की बात यह है कि कम उम्र के युवाओं में भी कार्डियक अरेस्ट के मामले सामने आ रहे हैं। कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव कवि साय ने बताया कि हाल के दिनों में कार्डियक अरेस्ट से होने वाली मौतें अधिक देखने को मिल रही हैं। खास बात यह है कि 21 साल तक की उम्र के युवाओं में भी ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जो पहले बहुत कम देखने को मिलते थे। उन्होंने कहा कि यदि दांत, छाती या पेट में असामान्य दर्द हो तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राम रावत का कहना है कि इस मौसम में सुबह जल्दी टहलने से बचना चाहिए, खासकर हार्ट पेशेंट्स को। अत्यधिक ठंड में अचानक बाहर निकलना दिल के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है।

कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती मरीज।
हार्ट पेशेंट धूप निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलें
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत रस्तोगी ने बताया कि तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में हृदय रोगी और हाई रिस्क वाले मरीज धूप निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने सलाह दी कि सुबह जल्दी या अत्यधिक ठंड के समय वॉक न करें और दोपहर से शाम के बीच ही बाहर निकलना सुरक्षित है।
न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश उनियाल ने बताया कि सर्दी के मौसम में खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे नसों में थक्के (क्लॉट) बनने की संभावना बढ़ जाती है। जब ये क्लॉट दिमाग तक खून की सप्लाई को रोक देते हैं, तो ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों की अपील
डॉक्टरों ने लोगों से सर्दी के मौसम में सतर्क रहने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और जीवनशैली में सुधार लाने की अपील की है, ताकि इस तरह की जानलेवा स्थितियों से बचा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के मौसम में विशेष सावधानी बरतें, अचानक दर्द या तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सा सलाह लें, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें और पहले से हृदय या शुगर से पीड़ित मरीज नियमित दवाएं और जांच जरूर कराएं।