नीमच में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर रविवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। शास्त्री नगर, गणपति नगर और स्वामी विवेकानंद बस्ती (इंदिरा नगर) में आयोजित इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज में एकजुटता और राष्ट्रभक्ति
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कलश यात्राओं से हुआ शुभारंभ
सभी आयोजनों की शुरुआत सुबह भव्य कलश यात्राओं से हुई। इन यात्राओं में हजारों महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। शास्त्री नगर में बालाजी मंदिर से निकली यात्रा में महिलाएं सिर पर मंगल कलश लिए और पुरुष हाथों में धर्म ध्वजा लिए चले।

यात्रा में राम-लक्ष्मण, सीता, हनुमान और भारत माता की झांकियां भी शामिल थीं। शास्त्री नगर में अतिथियों प्रकाश पुरोहित, पारस पटवा, विमल काठेड़ और संगीता जैन ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण किया। बालिकाओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए।
गणपति नगर और एकलव्य बस्ती में भी कार्यक्रम
भगवानपुरा चौराहा स्थित गणपति नगर और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर से निकली कलश यात्रा ने इंदिरा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर लौटते हुए धर्मसभा में हिंदू समाज को सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक और एकजुट रहने का संदेश दिया।

स्वामी विवेकानंद बस्ती में हुआ हिंदू संगम
स्वामी विवेकानंद बस्ती (इंदिरा नगर) के मांगलिक भवन में ‘हिंदू संगम’ का आयोजन किया गया। बस्ती के मंदिरों से धर्म ध्वजाएं लाकर शोभायात्रा निकाली गई। ढोल और भजन की धुन पर महिलाएं और पुरुष शामिल हुए, जिससे क्षेत्र में भगवा रंग का माहौल बना।
कार्यक्रम में संत और समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया। वक्ताओं ने बताया कि इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, राष्ट्र भावना को प्रेरित करना और देश की सनातन संस्कृति को मजबूत करना है।
