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Goat Farming Tips: पशु चिकित्सक डॉ. सलिल कुमार पाठक ने कहा कि जन्म के तुरंत बाद बकरी के बच्चे के मुंह पर लगी झिल्लियों को साफ कर सुखना चाहिए, ताकि मेमने को सांस लेने में कोई दिक्कत न हो इसके साथ ही जन्म के तुरंत बाद मेमने को मां का पहला दूध खीस जरूर पिलाना चाहिए.
Goat Farming: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में पशुपालन का व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते बड़ी संख्या में पशुपालन को आय का प्रमुख साधन बना रहे हैं. खासकर बकरी पालन पशुपालकों के लिए कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाला व्यवसाय बनकर उभरा है. हालांकि, सर्दियों के मौसम में बकरी के बच्चों यानी मेमनों की मृत्यु दर बढ़ जाना पशुपालकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
सर्दी में मेमनों की खास देखभाल
ठंड से बचाव के लिए बकरी के बाड़े को बोरी, टाट या मोटे कपड़े से ढकना चाहिए, ताकि ठंडी हवा सीधे अंदर न प्रवेश कर सके. मेमनों के बैठने और सोने के लिए सूखा और गर्म बिछावन होना जरूरी है, जिससे वे ठंडी जमीन के संपर्क में न आएं. जरूरत पड़ने पर पुरानी जूट की बोरियों से भी मेमनों को ढका जा सकता है. डॉ. पाठक ने बताया कि बकरी के बच्चों को उनके वजन का केवल 10 प्रतिशत तक ही आहार देना चाहिए. अधिक भोजन देने से अपच और दस्त की समस्या हो सकती है, जिससे मेमनों की मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है. मेमनों को संतुलित आहार और हमेशा साफ गुनगुना पानी पिलाना चाहिए.
मेमनों को गर्म रखने के आसान तरीके
सर्दियों में मेमनों में निमोनिया, हाइपोथर्मिया, संक्रमण और दस्त जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं. निमोनिया से ग्रसित मेमनों में कंपकंपी, सुस्ती, बुखार और नाक से बलगम आने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. ऐसे में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क कर इलाज कराना जरूरी है. डॉ. पाठक ने बताया कि दस्त की स्थिति में मेमनों को हरा चारा नहीं देना चाहिए और उबला दलिया देना फायदेमंद रहता है. इसके अलावा परजीवी रोगों से बचाव के लिए समय पर डी-वॉर्मिंग और टीकाकरण कराना अत्यंत आवश्यक है.
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विभांशु द्विवेदी मूल रूप से मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के रहने वाले हैं. पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय रायपुर से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. पॉलिटिक…और पढ़ें