IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फिर UPSC में 8वीं रैंक, अब विवाद में ये IAS अफसर! जानें वकील क्यों पड़े पीछे

IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फिर UPSC में 8वीं रैंक, अब विवाद में ये IAS अफसर! जानें वकील क्यों पड़े पीछे


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IAS Abhishek Saraf Controversy: मध्य प्रदेश के बालाघाट में जिला पंचायत सीईओ पद पर तैनात आईएएस अफसर अभिषेक सराफ इन दिनों विवादों में हैं. वकील उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके ट्रांसफर तक की मांग हो रही है. जानें पूरा मामला…

Balaghat News: बालाघाट में एक आईएएस अफसर पर दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं. वकीलों का बड़ा धड़ा उनसे नाराज है. नाराजगी इस हद तक पहुंच चुकी है कि वकील IAS के बालाघाट से ट्रांसफर तक की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं. मामला बीती 6 जनवरी का है. कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान वकील कपिल शिवहरे अपने पक्षकार के साथ पहुंचे थे. वहां पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ बैठे थे. आरोप है कि जब वकील कपिल शिवहरे ने आवेदन दिया तो जिला पंचायत सीईओ ने आवेदन लेने से ही इनकार कर दिया.

इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. आईएएस अभिषेक सराफ के व्यवहार का जमकर विरोध हो रहा है. जानकारी के अनुसार, वकील कपिल शिवहरे अपने पक्षकार लता सिहोरे के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे. मामला जमीनी विवाद से जुड़ा था. ऐसे में उनके पक्षकार ने लंबे समय से तहसीलदार कार्यालय में सीमांकन के लिए आवेदन किया था. लेकिन, अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. वहीं, महिला ने पड़ोसियों पर आरोप लगाया था कि सीमांकन में बाधा डाली जा रही है. ऐसे में महिला ने मांग की थी कि मामले को संज्ञान में लिया जाए और पड़ोसियों पर कार्रवाई की जाए.

ऐसे बढ़ी बात…
अब वकील कपिल शिवहरे ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत सीईओ ने आवेदन नहीं लिया. तक वकील ने कहा, ‘आप यहां शिकायतें सुनने और समाधान के लिए बैठे हैं. ये आपका दायित्व है’. आरोप है कि इस बात के जवाब में IAS ने वकील से कहा, ‘आपको खड़ा रहना खड़े रहें या फिर जाना है तो जाएं. मैं आपका आवेदन नहीं लूंगा. मैं एक बजेगा चला जाऊंगा’. इतना ही नहीं, आईएएस अभिषेक पर वकील के पक्षकार को उन्हीं के सामने भड़काने का भी आरोप है. वकील कपिल का मानना है कि इस तरह का व्यवहार मानसिक पीड़ा पहुंचाने वाला है. प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए.

मामले ने पकड़ा तूल
वकील कपिल ने मामले की जानकारी बालाघाट अधिवक्ता संघ को दी. इसके बाद सभी अधिवक्ता एकजूट हो गए और लगातार प्रदर्शन करने लगे. उन्होंने इस मामले में कलेक्टर मृणाल मीणा को भी ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की. कुछ वकीलों का मानना है कि आईएएस अभिषेक का बालाघाट से ट्रांसफर हो जाना चाहिए. वहीं मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरस्वार ने भी टिप्पणी की. कहा, मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए.

कौन है IAS अभिषेक सराफ?
बालाघाट जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक सराफ मध्य प्रदेश के ही रहने वाले हैं. वह भोपाल के चूनाभट्टी इलाके में रहते हैं. उन्होंने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उन्होंने पहले से ही तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सर्वेंट बनना है. वह कॉलेज प्लेसमेंट में भी नहीं बैठे थे. फाइनल ईयर से पहले से ही वह UPSC की पढ़ाई में जुट गए. उन्होंने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (ESE) 2013 में भी अखिल भारतीय 6वीं रैंक हासिल की. वह लगातार तैयारी करते रहे. साल 2017 में 402वीं रैंक और फिर साल 2018 में 248वीं  रैंक लेकर IRS बने. लेकिन, उन्होंने एक साल फिर जमकर मेहनत की और 2020 में 8वीं रैंक हासिल कर वह IAS बने.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, फिर UPSC में 8वीं रैंक, अब विवाद में ये IAS अफसर!



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