कपड़े खराब हुए, खुद थकीं… लेकिन मरीजों को नहीं छोड़ा, ये हैं भागीरथपुरा की असली वॉरियर्स

कपड़े खराब हुए, खुद थकीं… लेकिन मरीजों को नहीं छोड़ा, ये हैं भागीरथपुरा की असली वॉरियर्स


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Bhagirathapura Warriors Asha Workers: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने दिन-रात बिना छुट्टी लोगों की मदद की. उन्होंने सर्वे कर लोगों को जागरूक किया, मरीजों को आयुष्मान क्लिनिक और अस्पताल तक पहुंचाया और गंभीर स्थिति में रहने वाले मरीजों को रेफर भी किया.

Bhagirathapura Warriors Asha Workers: इंदौर का भागीरथपुरा क्षेत्र जब पानी की मार झेल रहा था तब डटकर खड़ी थी आशा कार्यकर्ता उन्होंने केवल पूरे क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया अपने कार्य से एक कदम आगे जाकर उनकी हर संभव मदद भी की. तकरीबंद 2 सप्ताह से जब से यह महामारी फैली है तब से आशा कार्यकर्ताओं ने बिना एक भी छुट्टी लिए दिन-रात लोगों की सेवा की. वार्ड 11 की ही आशा कार्यकर्ता रंजना खारे ने बताया कि 27 दिसंबर को UPSC पर हमारे अधिकारी ने मीटिंग में बताया था कि इलाके में उल्टी दस्त के पेशेंट ज्यादा हो रहे हैं. हमने इलाके में सर्वे शुरू कर दिया था. लोगों को भी धीरे धीरे पता चलने लगा था कि पानी की वजह से बीमारी फैल रही है कई लोग बात भी नहीं रहे थे. उन्हें हम जागरूक कर आयुष्मान क्लिनिक तक पहुंचा रहे थे और जिन मरीजों को ज्यादा परेशानी थी उन्हें अस्पताल रेफर भी कर रहे थे. कुछ मरीज‌‌ तो ऐसे थे कि उनके कपड़े तक गंदे हो गए थे, उनको देखकर लग रहा था अब वो बच पाएंगे भी या नहीं.

4 दिन का वो भयावह मंजर 
आशा कार्यकर्ता रत्ना वाघ ने बताया कि उन लोगों का नंबर हर घर में हैं. 27 दिसंबर से 2 जनवरी तक हालात ऐसे थे कि दिन हो या रात उनका फोन लगातार बज रहा था. क्षेत्र के हर दूसरे घर में किसी न किसी को उल्टी दस्त और डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही थी. उन्होंने रात को 2-3 बजे भी मरीजों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया. अब भी मदद में जुटे भागीरथपुरा में अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती जा रही है. लेकिन आशा कार्यकर्ता अभी उसी युद्ध स्तर से काम में जुटी हुई हैं. जब आउटब्रेक था तभी उन्होंने लोगों को क्लोरीन, जिंक समेत कई गोलियां और किट्स बांटे थे. अभी जिन घरों में मरीज मिलेथे वहां पर वो सैनेटाइज़र, ORS, साबुन इत्यादि का किट ही बांट रही हैं.

लोगों से की अपील
रीना यादव और आशा खारे ने बताया कि वो अब लोगों को समझा रहे हैं कि बलाई टैंकर का पानी आ रहा हो लेकिन उसे उबालकर अच्छे से 1 घंटे बाद ठंडा कर छन्नी में दो बार छानने के बाद ही पिएं. वहीं, घरों में जो सब्जियां इस्तेमाल की जा रही है या खाना बनाने में पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसे भी गर्म करके ही इस्तेमाल करें. कई बार मरीजों तक नहीं पहुंच पाते इसलिए वह सभी घरों में ओआरएस का किट देकर बता रही हैं कि इसे कैसे इस्तेमाल करना है. दूषित पानी की आउटब्रैक के कारण अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 10 लोग अभी आईसीयू में भर्ती हैं. प्रशासन दावा कर रहा है की स्थिति तेजी से सामान्य होती दिख रही है ‌ और अब नए मरीज भी आना बंद हो गए हैं.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें

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जब हर सांस थी खतरे में, आशा कार्यकर्ताओं ने थामा लोगों का हाथ, बनीं लाइफलाइन



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