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Harshit Rana 29 run: यह तो अब जगजाहिर हो चुका है कि भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को ऑलराउंडरों से विशेष लगाव है और तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने पुष्टि की है कि टीम मैनेजमेंट ने उनसे अपने बल्लेबाजी कौशल में सुधार करने के लिए कहा है. हर्षित राणा ने गेंद से दो विकेट झटके और फिर बल्लेबाजी में 23 गेंदों में जरूरी 29 रन बनाए.
वडोदरा: हर्षित राणा ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारत की चार विकेट की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उन्होंने न्यूजीलैंड के दोनों सलामी बल्लेबाजों को आउट किया और फिर जब भारत लक्ष्य का पीछा करते हुए थोड़ा मुश्किल स्थिति में था, तब 23 गेंदों में 29 रन बनाए. राणा ने चोटिल वाशिंगटन सुंदर से पहले बल्लेबाजी की. राणा ने मैच के बाद यहां पत्रकारों से कहा:
टीम प्रबंधन मुझे एक ऑलराउंडर के रूप में तैयार करना चाहता है और मैं इस पर लगातार काम कर रहा हूं. मैं अभ्यास सत्र के दौरान अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं. यह आत्मविश्वास का मामला था, जिसमें केएल (राहुल) भाई ने मेरी मदद की.
प्रमुख ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के वनडे के लिए उपलब्ध न होने के कारण पहले वनडे के लिए भारतीय टीम में रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन दोनों शामिल थे. भारत ने पिछले कुछ समय में प्लेइंग इलेवन में ज्यादा ऑलराउंडर्स को रखने को प्राथमिकता दी है, जिसके कारण गंभीर को आलोचना का सामना भी करना पड़ा है. राणा ने कहा:
मेरी टीम चाहती है कि मैं ऑलराउंडर के तौर पर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करूं. मैं अभ्यास सत्र के दौरान जितना संभव हो सके उसे पर ध्यान केंद्रित करता हूं. मुझे विश्वास है कि जरूरत पड़ने पर मैं निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए टीम के लिए 30-40 रन बना सकता हूं और टीम प्रबंधन भी यही मानता है कि मैं ऐसा कर सकता हूं.
विराट कोहली ने जिताया भारत को मैच
विराट कोहली (93), जडेजा (04) और श्रेयस अय्यर (49) के जल्दी-जल्दी आउट होने के बाद राणा ने राहुल के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 37 रन की साझेदारी करके भारत को संभाला. राणा ने कहा, ‘जब तक विराट भाई क्रीज पर थे, ऐसा लग रहा था कि मैच जल्दी खत्म हो जाएगा, लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. इसमें आप किसी भी तरह की भविष्यवाणी नहीं कर सकते.
इरफान पठान को भी ऑलराउंडर बनाना चाहते थे कोच
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ग्रेग चैपल की कोचिंग को भारतीय क्रिकेट के सबसे खराब दौर में गिना जाता है. चैपल ने अपने कोचिंग कार्यकाल में कई प्रयोग किए, उनकी जिद में टीम इंडिया का बेड़ागर्क हुआ. प्लेयर्स में मनमुटाव हुआ. टीम में फूट पड़ी. वो ग्रेग चैपल ही थे, जो लेफ्ट आर्म पेसर इरफान पठान को ऑलराउंडर बनाना चाहते थे. पठान को लगातार टॉप ऑर्डर में प्रमोट किया गया. नतीजा ये रहा कि बैटिंग पर फोकस करने के चलते वह अपनी बॉलिंग भी भूल गए. लगातार खराब प्रदर्शन के चलते टीम से बाहर हो गए.
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अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. जबरदस्त स्ट्राइक रेट के साथ पिछले एक दशक से उनकी नाबाद पारी जारी है. अपनी ऑलराउंड क्षमता के…और पढ़ें