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रोल्स-रॉयस भारत को यूके के बाहर तीसरा होम मार्केट बनाने की योजना में है, जेट इंजन, नेवल प्रोपल्शन और एडवांस्ड इंजीनियरिंग में बड़े निवेश की तैयारी कर रहा है. रोल्स-रॉयस इंडिया के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट शशि मुकुंदन के मुताबिक ब्रांड इंडिया में बहुत बड़ा इनवेस्टमेंट करने की तैयारी की है. हालांकि, निवेश का आकड़ा अभी तक सामने नहीं आया है.
नई दिल्ली. ब्रिटिश एयरो-इंजन निर्माता रोल्स-रॉयस ने रविवार को कहा कि वह भारत को यूके के बाहर अपना तीसरा “होम मार्केट” बनाने की प्लानिंग कर रहा है. कंपनी का लक्ष्य जेट इंजन, नेवल प्रोपल्शन, लैंड सिस्टम्स और एडवांस्ड इंजीनियरिंग जैसे कई क्षेत्रों में अवसरों की पूरी क्षमता को खोलना है. पीटीआई को दिए इंटरव्यू में रोल्स-रॉयस इंडिया के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट शशि मुकुंदन ने बताया कि कंपनी भारत में “बड़े निवेश” की योजना बना रही है. उन्होंने भारत में अगली पीढ़ी के एयरो इंजन को विकसित करने को प्रॉयरिटी बताया, जिससे नई दिल्ली के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम के तहत बनने वाले लड़ाकू विमानों को शक्ति मिलेगी.
मुकुंदन ने यह भी बताया कि रोल्स-रॉयस भारतीय नौसेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन तकनीक में भी अहम योगदान दे सकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि AMCA इंजन को नेवल मरीन इंजन में बदला जा सकता है और इसे इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि रोल्स-रॉयस दुनिया के कुछ चुनिंदा इंजन निर्माताओं में से है, जिनके पास “एयरो इंजन को मरीनाइज” करने की क्षमता है.
भारत में बड़े निवेश की तैयारी
मुकुंदन ने बिना ज्यादा जानकारी दिए कहा कि रोल्स-रॉयस भारत में अपने विस्तार के लिए बड़ा निवेश करने की सोच रहा है. उन्होंने कहा कि भारत के पास “स्केल, नीति की स्पष्टता और रक्षा व औद्योगिक इकोसिस्टम को तेजी से बढ़ाने की मजबूत कोशिश” है, जो लगातार विकसित और परिष्कृत हो रहा है.
निवेश के आंकड़े का इंतजार
उन्होंने आगे कहा, “अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह एक बड़ा निवेश होगा. इतना बड़ा कि लोग इसे नोटिस करेंगे, लेकिन मैं कोई आंकड़ा नहीं देना चाहता. असल मायने इस निवेश के असर के हैं, जिससे यहां हमारे काम के सभी क्षेत्रों में पूरी वैल्यू चेन और इकोसिस्टम का विकास होगा.” रोल्स-रॉयस के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि कंपनी भारत में दो रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों के साथ दो समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करेगी. इनमें से एक समझौता अर्जुन टैंकों के लिए इंजन निर्माण का है, जबकि दूसरा भविष्य के लड़ाकू वाहनों के लिए इंजन का है.
पीएम मोदी के साथ बिजनेस राउंडटेबल
मुकुंदन ने यह भी कहा कि अक्टूबर में, सीईओ तुफान एरगिनबिलगिक ने एक बिजनेस राउंडटेबल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया था कि आगे चलकर भारत रोल्स-रॉयस के लिए बेहद अहम होने वाला है. “हमने यूके के बाहर दो अन्य होम मार्केट्स विकसित किए हैं – अमेरिका और जर्मनी. अब हम भारत को अपना अगला होम मार्केट बनाना चाहते हैं. इसका मतलब है कि हम हर क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, और यह सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं है.”