जिले की कराहल जनपद पंचायत कार्यालय में मनरेगा बिलों के भुगतान को लेकर सोमवार को हंगामा और विवाद हो गया। लेखाधिकारी महेश शिवहरे ने जनपद अध्यक्ष बत्ती बाई आदिवासी, उनके पति और एक अन्य व्यक्ति पर मारपीट समेत शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
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लेखाधिकारी महेश शिवहरे ने पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, 12 जनवरी की दोपहर जब वे सीईओ के कक्ष में मनरेगा के बिलों पर हस्ताक्षर करा रहे थे, तभी अध्यक्ष बत्ती बाई, उनके पति जग्गू आदिवासी और शिशुपाल यादव वहां पहुंचे।
आरोप है कि बिलों के भुगतान के लिए उन पर दबाव बनाया गया और इनकार करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। शिवहरे का दावा है कि आरोपियों ने सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
पहले भी हो चुकी है विवाद की कोशिश
शिकायत में यह भी बताया गया कि 8 जनवरी की रात को भी शिशुपाल यादव ने कार्यालय में घुसकर उन्हें स्टूल से मारने की कोशिश की थी, जिसकी जानकारी उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को दी थी। मारपीट की इस ताजा घटना में लेखाधिकारी की गर्दन और हाथ में चोटें आई हैं।
अध्यक्ष पक्ष ने भी दर्ज कराई शिकायत
दूसरी ओर, जनपद अध्यक्ष बत्ती बाई आदिवासी ने भी थाने में आवेदन देकर लेखाधिकारी पर पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे काम के सिलसिले में गई थीं, तब महेश शिवहरे ने उनके साथ गाली-गलौज की और अभद्र व्यवहार किया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
कराहल टीआई यास्मीन खान ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदन मिल चुके हैं और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना की जानकारी कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी गई है।