गुप्त नवरात्रि के पहले दिन करें मां काली की पूजा, साढ़ेसाती से मिलेगी मुक्ति

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन करें मां काली की पूजा, साढ़ेसाती से मिलेगी मुक्ति


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Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मां काली की पूजा की जाती है. देवी को गुड़ का भोग बहुत पसंद है. काली माता की पूजा के बाद भोग के गुड़ को गरीबों में बांट देना चाहिए. काली मां को जल्दी प्रसन्न होने वाली और जल्द ही रूठने वाली देवी माना जाता है.

उज्जैन. हिंदू धर्म में नवरात्रि सबसे पवित्र पर्वों में से एक है. नवरात्रि के दिनों में माता दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है. साल में चार नवरात्रि होती हैं. शारदीय और चैत्र नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रि भी होती हैं. गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की 10 महाविद्या की पूजा गुप्त तरीके से की जाती है. इससे भक्त के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं और माता दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है. आइए जानते हैं, उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज से कि गुप्त नवरात्रि कब से शुरू हैं और पहले दिन किस देवी की पूजा-आराधना की जाए.

उन्होंने लोकल 18 से कहा कि वैदिक पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि का आरंभ होता है. प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 जनवरी 2026 दिन सोमवार को दोपहर 01:21 बजे के लगभग हो रही है. वहीं प्रतिपदा तिथि का समापन 20 जनवरी 2026 दिन मंगलवार को दोपहर 02:14 बजे के लगभग हो रहा है. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 19 जनवरी 2026 को होगा.

नवरात्रि के पहले दिन करें मां काली की स्तुति
महाविद्याओं में सर्वप्रथम मां काली की विद्या मानी जाती है. माना जाता है कि मां काली की साधना करने से व्यक्ति की वाणी सिद्ध हो जाती है. माता काली की साधना प्राप्त करने वाला व्यक्ति जो कुछ भी बोलता है, वह सत्य सिद्ध होता है. मां काली की साधना करने से साधक को सर्वश्रेष्ठ सांसारिक संसाधनों की प्राप्ति होती है. मां काली को शनिदेव की अधिष्ठात्री देवी माना गया है. जिन जातकों की जन्म कुंडली में शनि से संबंधित पीड़ा बनी हुई है या जो शनिदेव की साढ़ेसाती से पीड़ित हैं, ऐसे जातक भी मां काली की पूजा करके शनिदेव की कृपा पा सकते हैं. मां काली की पूजा शाम को सूर्यास्त के बाद रात्रिकाल में करना बेहद लाभकारी रहता है.

कैसे प्रसन्न होंगी मां काली?
नवरात्रि के पहले दिन मां काली की पूजा का विधान है. मां को गुड़ का भोग बहुत पसंद है. काली मां की पूजा के बाद भोग के गुड़ को गरीबों में बांट देना चाहिए. काली मां को तत्काल प्रसन्न होने वाली और तत्काल ही रूठने वाली देवी माना जाता है.

उज्जैन में गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व
वैसे तो उज्जैन में कई देवी मंदिर हैं, जहां रोजाना हजारों भक्त पहुंचते हैं लेकिन उन मंदिरों में से ही कई मंदिर ऐसे हैं, जो तंत्र साधना के लिए विशेष माने जाते हैं. ऐसे में गुप्त नवरात्रि में तंत्र क्रिया से जुड़े लोग यहां विशेष रूप से पूजन आदि के साथ धार्मिक अनुष्ठान कर जग-कल्याण और अपनी शक्तियों को जागृत करने के लिए माता रानी से प्रार्थना करते नजर आते हैं.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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