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Indore Winter Food: इंदौर की ठंड में मटर कचोरी, मालपुआ, मावा बाटी, गुलाब जामुन, भुट्टे का हलवा, गराडू, इंदौरी शिकंजी और केसरिया दूध जैसे आइटम किसी को भी चखने के लिए मजबूर बना दें. इनका स्वाद ऐसा कि सुबह से रात तक इनकी दुकानों पर बस भीड़ ही दिखती है. जानें खासियत और रेसिपी…
इंदौर खानपान के मामले में शौकीनों का शहर है. वहीं, ठंड का मौसम आता है तो यहां खाने का मिजाज कुछ अलग ही नजर आता है. मीठे से लेकर तीखे तक इंदौरियों के पास खाने की अलग ही वैरायटी है. आज आपको बताते हैं उन आइटम्स के बारे में जो ठंड में खास तौर पर इंदौर में बड़े चाव से खाए जाते हैं.

यूं तो आलू और दाल की कचोरी हर जगह मिलती है, लेकिन इंदौर की ठंडक में स्पेशल मटर कचोरी बनती है. इसकी फिलिंग में ताजी मटर को पीसकर अदरक, हरी मिर्च और ढेर सारे खड़े मसालों के साथ भूना जाता है. उसके बाद बेदी पर भरकर तला जाता है. इसकी खस्ता परत मसाले और चटनी का मिश्रित बहुत स्वादिष्ट लगता है. सर्दियों में नाश्ते की दुकान पर आपको मटर कचोरी के लिए भीड़ दिखाई देगी.

ठंड आते ही मालपुए और गुलाब जामुन की बिक्री काफी बढ़ जाती है. नरम रसीले मालपुए शुद्ध घी में तले जाते हैं. इस मालपुए को गरमा गरम रबड़ी के साथ खाया जाता है. इसके अलावा बड़े आकार की मावा बाटी और गरमा गरम गुलाब जामुन भी ठंड में को पसंद किए जाते हैं. आपको सराफा बाजार में कई पुरानी दुकानों पर मावा बाटी और मालपुआ मिल जाएगा.
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सर्दियों में भुट्टे का हलवा इंदौरियों का पसंदीदा व्यंजन है. इसके लिए भुट्टे को कद्दूकस कर शुद्ध घी में घंटों तक भूना जाता है. उसके बाद जब यह सुनहरा हो जाता है तो इसमें शक्कर, केसर और इलायची डालकर परोसा जाता है. गरमा गरम भुट्टे का हलवा केवल स्वादिष्ट नहीं लगता बल्कि पेट में जाते ही गरमाहट का एहसास देता है.

इंदौर की ठंड का जिक्र हो और गराडू का नाम न आए यह असंभव है. खासकर ठेलों पर मिलने वाले गराडू का अलग ही आनंद है. इसमें इंदौरी मसाले का छिड़काव होता है जो बहुत ही स्वादिष्ट लगता है. इसके लिए गराडू को सुनहरा और कुरकुरा होने तक तला जाता है. इसके बाद छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर जीरा और नींबू डालकर खाया जाता है. गराडू इसलिए भी खाया जाता है, क्योंकि इससे सर्दियों में शरीर गर्म बना रहता है.

इंदौर के लोग सर्दी में शिकंजी पीते हैं. यह शिकंजी नींबू पानी की नहीं होती, बल्कि दूध और दही से बनती है. दरअसल, इंदौरी शिकंजी सामान्य शिकंजी से बिल्कुल अलग है. इसमें दूध को जायफल, केसर इलायची जैसे गरम मसाले डालकर घंटों उबाला जाता है. इसके बाद इसमें दही और सूख मेवा डाले जाते हैं. इससे यह किसी मलाई दार डेजर्ट की तरह लगता है, सराफा की नागौर शिकंजी खासकर फेमस है.

इंदौर में रात के बाजारों में बड़े-बड़े कढ़ाव में उबलता हुआ गाढ़ा केसरिया दूध सर्दियों में आपको देखने को मिल जाएगा. इसमें ढेर सारी केसर, इलायची, बादाम और पिस्ता कतरन मिलाई जाती है, जो इसे सर्दियों के लिहाज से बेहद पौष्टिक और गर्म तासीर वाला बनाती है. इस दूध को शाम से ही कढ़ाई पर रख दिया जाता है, जिससे इसकी मलाई इतनी गाढ़ी होती है कि यह रबड़ी की तरह लगने लगता है.