मकर संक्रांति के पहले MP में शिक्षकों को तोहफा: सरकार ने चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का फैसला किया, प्रदेश के 1.22 लाख शिक्षकों को फायदा – Bhopal News

मकर संक्रांति के पहले MP में शिक्षकों को तोहफा:  सरकार ने चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का फैसला किया, प्रदेश के 1.22 लाख शिक्षकों को फायदा – Bhopal News


मोहन कैबिनेट ने मंगलवार काे मकर संक्रांति से पहले स्कूलों के शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का फैसला किया है। प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक (एलडीटी) और उच्च श्रेणी शिक्षक (यूडीटी) के लिए चौथा क्रमोन्नति वेतनमान दिया जाए

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नया वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी

जिन शिक्षकों की 35 साल की सेवा जुलाई 2023 से पहले पूरी हो चुकी है, उन्हें उस तारीख से अब तक का पूरा एरियर मिलेगा। अनुमानित एरियर 1.20 लाख से 1.80 लाख रुपए तक हो सकता है। जिनकी 35 साल की सेवा 2023 से 2026 के बीच पूरी होगी, उन्हें सेवा पूरी होने की तिथि से एरियर दिया जाएगा।

इसके साथ ही मोहन यादव सरकार ने स्पेस टेक नीति–2026 को मंजूरी दे दी है। केरल, उड़ीसा के बाद एमपी देश का तीसरा राज्य है जहां यह नीति लागू की गई है।

यह नीति उपग्रह निर्माण के साथ भू स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों (कृषि, आपदा प्रबंधन, और शहरी नियोजन) में नवाचार को बढ़ावा देगी।

साथ ही सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 800 मेगावाट बिजली से संबंधित तीन एजेंडों को मंजूरी दी है। इनमें सोलर सह 4 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना, सोलर सह 6 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना और 24 घंटे की 200 मेगावाट सोलर सह स्टोरेज परियोजना की स्थापना शामिल है।

उधर, कैबिनेट ने एक बार फिर इंदौर नगर के मध्य स्थित जामा मस्जिद के नमाजियों और क्षेत्र के नागरिकों के लिए चिकित्सालय, वाचनालय, उद्यान, कम्युनिटी हॉल और स्कूल बनाने के लिए भूमि आवंटन से जुड़े दिग्विजय सरकार के फैसले पर पुनर्विचार के लिए एजेंडा लाया है।

यह एजेंडा पिछले माह भी कैबिनेट में आ चुका था लेकिन ऐन मौके पर इसे डिफर कर दिया था। यह एजेंडा दिग्विजय सरकार के 27 सितंबर 2003 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए लाया गया। हालांकि इस पर फैसले के बारे में जानकारी नहीं दी गई।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि स्पेस टेक नीति को मंजूरी दिए जाने से स्थानीय स्तर पर उपग्रह निर्माण को लेकर कवायद होगी और पांच साल में इसमें एक हजार करोड़ रुपए का निवेश आएगा। इस नीति से 8 हजार रोजगार सृजन की भी बात कही गई है। इससे पहले ब्रीफिंग के लिए ऐन वक्त पर मंत्री का चेंबर बदला दिया गया।

कैबिनेट की बैठक शुरू होने से पहले राष्ट्रगीत।

16 विभागों की 91 योजनाओं से जुड़ेंगे हितग्राही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले कहा कि प्रदेश में संकल्प से समाधान अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से शुरू हुआ है, जो 15 फरवरी तक चलेगा। जबकि अभियान 31 मार्च तक चलाया जाएगा।

डॉ. यादव ने कहा कि पहले चरण में घर-घर जाकर आवेदन लिए जाएंगे। दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक कलस्टर स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। तीसरे चरण विकासखंड स्तर पर 16 से 26 मार्च तक होगा। जिसमें अनिराकृत शेष आवेदन और शिकायतें तथा नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा।

चतुर्थ चरण 26 से 31 मार्च तक जिला स्तर पर होगा। जिसके अंतर्गत जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर समस्त अनिराकृत शेष आवेदन और शिकायतों तथा नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

टैबलेट लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री एवं मंत्री मोहन सरकार की यह पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक है। जिसमें मुख्यमंत्री एवं मंत्री फाइलों की बजाय टैबलेट लेकर पहुंचे। सभी ने अपने प्रस्ताव टैबलेट से देखकर ही रखे और मुख्यमंत्री ने भी टैबलेट में देखकर उन प्रस्तावों पर चर्चा की।

उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को हुई मंत्री परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया आरंभ करने के उद्देश्य से मंत्रीगण को टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे तथा मंत्री परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रस्तुतीकरण हुआ था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह पहल प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है। इससे पेपरलेस कार्य प्रक्रिया अपनाने, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

शहरी अधोसंरचना विकास के लिए पांच हजार करोड़ मंजूर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के पांचवें फेज के लिए 3 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 एवं 2028-29) के लिए, 5 हजार करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसमें मास्टर प्लान की सड़कें जिले की प्रमुख एवं अन्य रोड तथा शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, सडक सुरक्षा एवं शहरी यातायात सुधार, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, अन्य परियोजनाओं में गैप कवरेज से संबंधित कार्य, इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन ड्रेन तथा एसटीपी निर्माण संबंधी कार्य एवं राज्य शासन की प्राथमिकता के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा।

टैबलेट के साथ मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण।

टैबलेट के साथ मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण।

चायनीज मांझे से दुर्घटना न हो, विजयवर्गीय ने नहीं की ब्रीफिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति पर्व की मंगल कामनाएं दीं और कहा कि सभी जिलों में यह सुनिश्चित किया जाए कि चाइनीज मांझे से कोई दुर्घटना ना घटे। उधर इंदौर के भागीरथपुरा मामले में विवादास्पद शब्द इस्तेमाल को लेकर विवादों में आए नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कैबिनेट बैठक में तो पहुंचे लेकिन जब कैबिनेट के फैसलों की ब्रीफिंग का वक्त आया तो मीडिया के सामने आने से इनकार कर दिया। इसके चलते आनन-फानन कैबिनेट की ब्रीफिंग के लिए पत्रकारों को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के चेंबर में भेजा गया।

कैबिनेट में इन मुद्दों पर चर्चा और स्वीकृति

  • वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति के लिए मंत्रिपरिषद समिति के गठन प्रस्ताव पर चर्चा।
  • मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के अंतर्गत जारी अधिसूचनाओं को मंजूरी।
  • मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना को 396.21 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
  • सुल्तानपुर उद्वहन सिंचाई परियोजना को 115.99 करोड़ रुपए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
  • बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना को 386.22 करोड़ रुपए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
  • भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुदीप सिंह को रिटायरमेंट के बाद मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड भोपाल के सदस्य सचिव के संविदा पद पर नियुक्ति को मंजूरी।
  • उद्योग संवर्धन नीति 2025 के लागू होने के बाद लंबित उद्योग संवर्धन नीति 2014 की प्रभावशील अवधि के दौरान मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाले कस्टमाइज्ड पैकेज के आवेदनों के निराकरण के संबंध में चर्चा
  • स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर सांदीपनि विद्यालय योजना के दूसरे चरण के लिए 200 नए सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी दी गई। इसमें 2660 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों, सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नए शैक्षणिक संवर्ग को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतन मान योजना लागू करने को मंजूरी दी गई। इसमें 322.34 करोड़ का खर्च आएगा।
  • परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर ग्वालियर व्यापार मेला 2026 और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल बेचने पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत छूट दिए जाने को स्वीकृति दी गई।
  • उज्जैन शहर की 1133 करोड़ की जल आवर्धन योजना को मंजूरी दिए जाने के नगरीय विकास विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा।
  • सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव पर रिटायर्ड आईएएस गोपाल चंद्र डांड को मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी बनाने जाने के मामले में एक साल की वृद्धि किए जाने का अनुसमर्थन।
  • एसएएफ 25वीं वाहिनी के सहायक उप निरीक्षक दिवंगत रामचरण गौतम के परिजनों को विशेष अनुग्रह राशि 90 लाख रुपए दिए जाने पर फैसला लिया गया।
कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों पर चर्चा करते मुख्यमंत्री एवं मंत्री।

कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों पर चर्चा करते मुख्यमंत्री एवं मंत्री।

केरल, उड़ीसा के बाद एमपी में लागू हुई यह पॉलिसी स्पेस टेक नीति 2026 लागू होने के बाद अब एमपी में सैटेलाइट (उपग्रह) निर्माण संबंधी उद्योग लग सकेंगे। केरल, उड़ीसा के बाद एमपी देश का तीसरा राज्य है जहां यह नीति लागू की गई है। यह नीति उपग्रह निर्माण के साथ भू स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों (कृषि, आपदा प्रबंधन, और शहरी नियोजन) में नवाचार को बढ़ावा देगी।

इस पर अनुमानित वित्तीय भार 628 करोड़ रुपए आएगा। इस नीति के लागू होने से मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (स्पेस टेक) क्षेत्र में एमपी एक मजबूत केंद्र बनने की ओर अग्रसर होगा। इस नीति के लागू होने से राज्य अंतरिक्ष उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और अनुसंधान सहायता के माध्यम से अपनी रणनीति बना सकेगा जिससे आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी।

नव प्रवर्तन और अनुसंधान अंतर्गत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र एवं इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित होगा, जिससे राज्य सरकार द्वारा एकीकृत स्पेस टेक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जा सकेगी। मध्यप्रदेश में स्पेसटेक नीति-2026 के क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश के माध्यम से नवीन रोजगार सृजन होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।



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