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Makar Sankranti: 14 जनवरी को मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का संयोग बन रहा है. इस दिन लोगों के मन में खिचड़ी दान को लेकर असमंजस बना हुआ है. क्योंकि, एकादशी के दिन चावल का दान और सेवन वर्जित माना गया है. ऐसे में उज्जैन के ज्योतिषाचार्य ने नियमों के आधार पर समाधान दिया है. जानें…
Makar Sankranti: इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व आध्यात्मिक रूप से अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग लेकर आ रहा है. खास बात ये कि इस बार मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक ही दिन मनाई जा रही है. इसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत पुण्यदायक योग माना गया है. मान्यता है कि जब संक्रांति और एकादशी का मिलन होता है, तो उस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा का फल अक्षय हो जाता है, यानी उसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है. इतना ही नहीं, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है, जो इसे और भी खास बना रहा है.
इन शुभ योगों में किए गए धार्मिक कर्म सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल प्रदान करते हैं. यही कारण है कि इस बार मकर संक्रांति को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है. मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और दान करने का विशेष महत्व है. लेकिन, इस दिन एकादशी भी है. जिसमें खिचड़ी खाने की मनाही होती है. तब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी का पान और दान कैसे किया जाए. आइए उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार जानें इस उलझन का समाधान…
15 जनवरी को करें दान, मिलेगा पुण्य
इस बार मकर संक्रांति 14 और 15 दोनों दिन मान्य होगी. लेकिन, जो लोग दान-पुण्य करते हैं, उनके लिए पुण्यकाल 15 जनवरी को माना जाएगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य जब दोपहर के बाद राशि परिवर्तन करता है, तो उस पर्व का धार्मिक महत्व अगले दिन माना जाता है. इसी कारण इस बार मकर संक्रांति से जुड़ा स्नान, दान और पुण्य कर्म 15 जनवरी को करना अधिक शुभ रहेगा. 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 5 मिनट पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसी समय से मकर संक्रांति की शुरुआत मानी जाएगी. लेकिन, धर्मशास्त्रों में बताया गया कि यदि सूर्य का गोचर दोपहर या उसके बाद होता है, तो उसका पर्व अगले दिन मनाया जाता है. इस कारण 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पुण्यकाल रहेगा और इसी दिन स्नान, दान और व्रत का विशेष महत्व होगा.
किस दिन खा सकते हैं खिचड़ी
पुण्यकाल यानी 15 जनवरी को चावल पकाना और खाना विशेष फलदायक रहेगा. क्योंकि, इस दिन विशेष रूप से दान-पुण्य का महत्व है. अगर पुण्यकाल मे दान-पुण्य करते हैं व खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण करते हैं तो ना ही एकादशी का व्रत टूटेगा ना ही मकर संक्राति पर खिचड़ी नहीं खाने का अफसोस होगा.
जरूर करें इन वस्तु का दान
15 जनवरी को सुबह से लेकर शाम तक लोग गंगा स्नान, नदी स्नान या घर पर स्नान करके दान-पुण्य कर सकते हैं. इस दिन चावल, मूंग की दाल, तिल, वस्त्र, सुहाग की सामग्री, ऊनी कपड़े और घरेलू उपयोग की चीजों का दान करना बहुत शुभ माना गया है. जरूरतमंदों को दिया गया दान कई गुना फल देता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.