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Chhatarpur Mela: छतरपुर जिले में एक ऐसा भी मेला लगता है जिसे बच्चों का मेला भी कहा जाता है. इस मेले की खासियत होती है कि यहां बच्चों का सामान ही देखने को मिलता है. बच्चों का ये सामान बेहद ही सस्ता होता है, इसलिए यहां माता-पिता अपने बच्चों को लेकर भी सबसे ज्यादा आते हैं.
छतरपुर जिले में मेले लगने का सीजन शुरू हो गया है. इन्हीं मेलों में से एक मेला बच्चों का मेला भी है. इसे बच्चों का मेला इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इस मेले में बच्चों के खेलने और खाने-पीने वाली सालों पुरानी चीजें आज भी देखने को मिल जाती हैं.

छतरपुर के ये मेले मकर संक्रांति पर्व के दौरान ग्रामीण इलाकों में लगते हैं. इन मेलों में बच्चों के खिलौनों को देखकर आपको भी अपना बचपन याद आ जाएगा. साथ ही बच्चों से संबंधित फूड आयटम भी मिलते हैं. बच्चों की ये पुरानी चीजें बड़े शहरों के आधुनिक बाजारों में देखने को नहीं मिलती हैं.

सबसे पहले बात करते हैं जादुई छड़ी की. इस जादुई छड़ी में रंग से मिला हुआ पानी भरा रहता है. कांच के ट्यूब में कलर पानी भरा रहता है, जो बच्चों को बहुत पसंद आता है. यह छतरपुर जिले के छोटे से लेकर बड़े मेलों में आज भी देखने को मिल जाती है. एक जादुई छड़ी की कीमत 10 रुपए है.
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छतरपुर जिले के मेलों में आज भी बच्चों का ककडू़ देखने को मिल जाता है. इस ककड़ू को घुमाया जाता है, जिससे आवाज उत्पन होती है. यह भी बच्चों का पसंदीदा खिलौना होता है. यह खिलौना प्लास्टिक से नहीं बना होता है. एक ककड़ू की कीमत 10 रुपए होती है.

बच्चों के इस मेले में लकड़ी के खिलौने भी खरीदने को मिल जाते हैं. हालांकि, यह महंगे होते हैं लेकिन बच्चे इन्हें देखकर बहुत खुश होते हैं और बिना लिए नहीं मानते हैं शायद इसलिए यह बच्चों की सबसे फेवरेट खिलौने होते हैं. लकड़ी के खिलौने की बात करें तो ट्रैक्टर, ट्रक, एरोप्लेन देखने को मिल जाते हैं.

मकर संक्रांति का त्योहार है तो इन मेलों में मिट्टी के खिलौने भी देखने को मिल जाते हैं. इनको भी बच्चे खरीदना पसंद करते हैं और उनके साथ खेलना भी पसंद करते हैं. खासकर छोटे बच्चों को मिट्टी के खिलौने बहुत लुभाते हैं.

इस मेले में छोटा सा दिखने वाले यह फूड आइटम गुलाब लच्छी कहलाता है. यह स्वाद में मीठी होती है. खाने वाले इस आइटम को सबसे ज्यादा बच्चे पसंद करते हैं. बता दें, 10 रुपए में आपको 4 गुलाब लच्छी मिल जाती हैं. हालांकि, बाजार में 5 रुपए की एक पीस मिलती है, लेकिन बच्चों के मेले में 10 रुपए में 4 गुलाब लच्छी मिल जाती है.

इस मेले में गुलाबी कलर की कॉटन कैंडी भी देखने को मिल जाती है. गांव में इसे गुड़िया का बाल कहा जाता है. ये खाने वाले आइटम सिर्फ बच्चे ही पसंद नहीं करते हैं. इसके रेट के बात की करें तो यह 10 रुपए में खाने को मिल जाती है. साथ ही बच्चों की आइसक्रीम भी खाने को मिल जाती है.