सतना आईटीआई में फेवरेट फैशन डिजाइन ट्रेड, हुनर सीख खुल रहा रोजगार का रास्ता

सतना आईटीआई में फेवरेट फैशन डिजाइन ट्रेड, हुनर सीख खुल रहा रोजगार का रास्ता


सतना. अगर युवतियां फैशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं, तो आईटीआई का फैशन डिजाइन ट्रेड उनके लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है. बदलते समय के साथ फैशन केवल शौक नहीं बल्कि करियर का मजबूत माध्यम बन चुका है. इसी सोच के साथ सैकड़ों युवतियां इस कोर्स से जुड़कर न सिर्फ हुनर सीख रही हैं बल्कि आत्मनिर्भर बनते हुए अपना भविष्य भी संवार रही हैं. सिर्फ सतना से ही बीते वर्षों में इस ट्रेड से प्रशिक्षण लेकर 450 से अधिक युवतियां अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हैं. लोकल 18 को जानकारी देते हुए आईटीआई कॉलेज की फैशन डिजाइन ट्रेड इंस्ट्रक्टर शुभांजी श्रीवास्तव ने बताया कि आईटीआई कॉलेज में कुल 14 ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाता है. इनमें फैशन डिजाइन ट्रेड युवतियों के बीच खासा लोकप्रिय है. हर साल इस ट्रेड में 40 स्टूडेंट्स का एक बैच तैयार किया जाता है, जिसमें उन्हें फैशन से जुड़ी बारीकियों का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है. इस कोर्स में सिलाई, कढ़ाई, एंब्रॉयडरी, पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, बुटीक मैनेजमेंट जैसी कई विधाओं को शामिल किया गया है. यहां थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर विशेष जोर दिया जाता है ताकि छात्राएं सीधे काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें. यही वजह है कि कोर्स पूरा करने के बाद कई युवतियां खुद का व्यवसाय शुरू कर रही हैं, तो कई को इंडस्ट्री में डायरेक्ट प्लेसमेंट भी मिल रहा है.

फैशन डिजाइन ट्रेड से जुड़ी छात्राओं को देश के बड़े टेक्सटाइल हब से भी जोड़ा जाता है. गुजरात, पीथमपुर और बुधनी जैसे टेक्सटाइल हब में आईटीआई के माध्यम से डायरेक्ट संपर्क करवाया जाता है, जिससे इंडस्ट्री में काम करने के अवसर बढ़ जाते हैं. इसके अलावा हर महीने के तीसरे बुधवार को आईटीआई कॉलेज में रोजगार मेला आयोजित किया जाता है. इस मेले में देशभर के प्रमुख टेक्सटाइल हब की नामी कंपनियां पहुंचती हैं और योग्य छात्राओं को नौकरी का अवसर प्रदान करती हैं. इंस्ट्रक्टर ने बताया कि यह ट्रेड साल 2006 से आईटीआई सतना में संचालित हो रहा है. तब से लेकर अब तक यहां से निकलने वाले अधिकतर छात्र या तो इंडस्ट्री सेक्टर में कार्यरत हैं या फिर अपना खुद का व्यवसाय सफलतापूर्वक चला रहे हैं. कुछ छात्राएं ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे समूह बनाकर भी फैशन से जुड़ा काम कर रही हैं, जिससे गांवों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.

हर उम्र की महिलाओं के लिए अवसर
इस फैशन डिजाइन ट्रेड में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास रखी गई है. 18 से 40 वर्ष तक की युवतियां ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं. मई माह से आईटीआई पोर्टल पर दोबारा रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 10वीं में बेहतर मेरिट लाने वाली छात्राओं का एडमिशन जल्दी हो जाता है, वहीं अगर सीटें बचती हैं तो पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर भी प्रवेश का मौका मिल सकता है.

बदली सोच और बढ़ा आत्मविश्वास
इस कोर्स से जुड़कर कई छात्राओं की सोच और जीवन दोनों में सकारात्मक बदलाव आया है. यह ट्रेड सिर्फ युवतियों तक सीमित नहीं है बल्कि शादीशुदा महिलाएं और गृहिणियां भी इससे जुड़कर अपने सपनों को आकार दे रही हैं. बच्चों और घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ महिलाएं इस हुनर को सीखकर अपने दैनिक जीवन में भी इसका उपयोग कर रही हैं. बर्दाड़ी से आने वाली अंजना वर्मा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वह घर के कामों के बीच कुछ नया सीखना चाहती थीं. फैशन डिजाइन ट्रेड से जुड़कर उन्हें न सिर्फ सीखने का मौका मिला बल्कि भविष्य में घर बैठे एक छोटा रोजगार शुरू करने की उम्मीद भी जगी है.

हमेशा से पसंद था फैशन फील्ड
उचेहरा से आने वाली 21 वर्षीय बीएससी पास नेहा ताम्रकार का कहना है कि उन्हें फैशन फील्ड हमेशा से पसंद था. इस ट्रेड के माध्यम से उन्हें स्केचिंग, सिलाई और एंब्रॉयडरी जैसी कई चीजें सीखने को मिल रही हैं. यहां प्रैक्टिकल असिस्टेंस बहुत अच्छा मिलता है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वह खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं. वहीं लोकल 18 से बातचीत में 40 वर्षीय स्टूडेंट हिना कौसर बताती हैं कि उन्होंने पहले से कई पीजी डिग्रियां हासिल की हुई हैं लेकिन कई दिन महसूस हुआ कि पढ़ाई के साथ-साथ खुद भी कोई मजबूत स्किल होना जरूरी है. इसी सोच के साथ उन्होंने फैशन डिजाइन ट्रेड को चुना, जिससे अब वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और अब अपना खुद का व्यवसाय खोलना चाहती हैं.

आसान शब्दों में कहें तो आईटीआई का फैशन डिजाइन ट्रेड युवतियों और महिलाओं के लिए हुनर, आत्मनिर्भरता और रोजगार का मजबूत मंच बनता जा रहा है, जहां सपने सिर्फ देखे नहीं जाते बल्कि पूरे भी किए जाते हैं.



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