सिहाड़ा में पीर बाबा दरगाह क्षेत्र को प्रतिबंधित किया गया।
खंडवा जिले के ग्राम सिहाड़ा में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 13 जनवरी 2026 से 12 मार्च 2026 तक प्रभावशील रहेगा। दो दिन पहले ही हिंदू और मुस्
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पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के मुताबिक, मोघट रोड थाना क्षेत्र का ग्राम सिहाड़ा धार्मिक और सांप्रदायिक दृष्टि से अति संवेदनशील है। यहां पीरबाबा दरगाह के आसपास का मैदान और भूमि पहले ग्राम वक्फ कमेटी के कब्जे में थी। इसे 8 दिसंबर 2025 को प्रशासन ने हटाकर पंचायत को सौंप दिया था। इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर मध्यप्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में प्रकरण (क्रमांक ए-84/2025) विचाराधीन है, जिस पर अभी अंतिम फैसला आना बाकी है।
बिना अनुमति लंगर करने पर बढ़ा विवाद
प्रकरण की सुनवाई के दौरान 9 जनवरी 2026 को वक्फ कमेटी पक्ष ने तर्क दिया कि उन्हें दरगाह पर धार्मिक गतिविधियां करने से रोका जा रहा है। वहीं, प्रतिवादी ग्राम पंचायत सरपंच ने इसका खंडन किया। इसी प्रोसिडिंग का हवाला देकर एक व्यक्ति द्वारा बिना अनुमति विवादित भूमि पर लंगर का आयोजन करने की बात सामने आई थी।
विवादित भूमि पर निजी और धार्मिक आयोजन बैन
प्रशासन के मुताबिक, 8 दिसंबर 2025 से जमीन पंचायत के पास है। पंचायत ने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया है कि इस जमीन का उपयोग अनुमति और शुल्क देने पर ही किया जाएगा। इन्हीं हालातों को देखते हुए कलेक्टर ने सिहाड़ा स्थित पीरबाबा दरगाह के आसपास की विवादित भूमि पर किसी भी तरह के धार्मिक, सामाजिक या निजी आयोजन पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
उल्लंघन करने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
आदेश के मुताबिक, ग्राम सिहाड़ा की सीमा में अब किसी भी धार्मिक या सामाजिक आयोजन से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश गांव में रहने वाले और आने-जाने वाले सभी लोगों पर लागू होगा। प्रशासन ने मुनादी और नोटिस बोर्ड के जरिए इसकी सूचना दे दी है।