मंदसौर शहर एवं ग्रामीण अंचलों में मकर संक्रांति का त्योहार इस वर्ष पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। सुबह से ही आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सरोवर नजर आया तो युवाओं और बच्चों में पतंगबाजी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। मकर संक्रांति के इस पर्व को सेलिब्रेट करने के लिए सुबह होते ही छतों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक ने पतंगबाजी का आनंद लिया। विभिन्न प्रकार की छोटी-बड़ी, डिजाइनदार और आकर्षक पतंगें आसमान की शोभा बढ़ाती नजर आईं। पतंगबाजी का यह सिलसिला सुबह से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा। सुरक्षा और परंपरा का रखा गया ध्यान पतंगबाजी के दौरान कई स्थानों पर लोगों ने सुरक्षा का भी ध्यान रखा। बच्चों को नायलॉन और चाइनीज मांझे से दूर रहने की समझाइश दी गई। वहीं परंपरागत रूप से तिल-गुड़ के लड्डू, तिलकुट और अन्य व्यंजनों का भी लोगों ने स्वाद लिया। सकरात का पर्व आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा। मोहल्लों में लोग एक-दूसरे की छतों पर पहुंचकर पर्व की शुभकामनाएं देते नजर आए। आपको बता दें कि मंदसौर में मकर संक्रांति के पर्व पर काफी उत्साहित माहौल रहता है, आज सारा दिन पतंगों से सजा आसमान आकर्षण का केंद्र बना रहा, तो लोगों ने गुल्ली डंडे का लुफ्त भी खूब उठाया।
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