यूपीएससी और एमपी पीएससी की तैयारी कर रहे आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए जबलपुर में अत्याधुनिक छात्रावास बनाया जाएगा। इस पर सरकार 18 से 20 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह बात जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने गुरुवार को कही। शाह जबलपुर के दौरे पर हैं। उन्होंने आदिवासी छात्रावासों से संबंधित समस्याओं और नई योजनाओं पर भी बात की। शाह ने कहा कि इस छात्रावास में 200 सीटें होंगी। इनमें से 100 सीट बालकों और 100 बालिकाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। छात्रावास के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। जब तक स्थायी छात्रावास नहीं बन जाता, तब तक निजी स्थानों पर यूपीएससी और पीएससी की तैयारी शुरू करवाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस छात्रावास में रहने, पढ़ाई और अन्य सभी सुविधाओं का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। जेईई, क्लेट और नीट के लिए भी सहयोग मिलेगा मंत्री ने घोषणा की कि आदिवासी छात्र-छात्राओं को अब केवल यूपीएससी-एमपी पीएससी ही नहीं, जेईई, क्लेट और नीट जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी जनजातीय कार्य विभाग सहयोग देगा। प्रदेश में पांच हजार छात्रावास शाह ने बताया कि अभी प्रदेश में लगभग 5000 आदिवासी छात्रावास संचालित हैं, जहां आदिवासी शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अगले 4 से 5 वर्षों में सभी छात्रावासों में अधीक्षक और अधीक्षिकाओं की नियमित भर्ती की जाएगी, ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि जबलपुर के कुण्डम और माड़ोताल क्षेत्रों में आदिवासी छात्रावासों के निर्माण के लिए 4 करोड़ 9 लाख रुपए की स्वीकृति दी जा चुकी है। इन छात्रावासों में भी प्रत्येक में 100-100 छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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