छतरपुर जिले के नौगांव में निर्माणाधीन तोरण द्वार गिरने से ग्राम विला निवासी संतोष अहिरवार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल छतरपुर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर रेफर करने की सिफारिश की। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. गुप्ता ने अस्थि रोग विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार तत्काल कार्रवाई की। घायल संतोष अहिरवार को खजुराहो एयरपोर्ट से पीएमश्री एयर एम्बुलेंस के जरिए चिरायु मेडिकल कॉलेज, भोपाल भेजा गया। प्रशासन की इस त्वरित पहल से मरीज को समय रहते उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा सका। संतोष अहिरवार आयुष्मान कार्डधारी हैं, जिसके चलते उन्हें भारत सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत निशुल्क एयर एम्बुलेंस सेवा का लाभ मिला। इस सुविधा से बिना किसी आर्थिक बोझ के उन्हें बेहतर इलाज तक पहुंचाया गया। प्रशासन के अनुसार छतरपुर जिले से अब तक कुल 11 गंभीर मरीजों को पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा का लाभ मिल चुका है। यह सेवा आपात स्थितियों में जीवन रक्षक साबित हो रही है। ठेकेदार पर एफआईआर, दो अधिकारी निलंबित
तोरण द्वार गिरने की घटना के बाद कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने तत्काल जांच दल गठित किया था। जांच रिपोर्ट में ठेकेदार रमेश विश्वकर्मा को लापरवाह पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने नौगांव नगर पालिका के सीएमओ आर.एस. अवस्थी (राजस्व निरीक्षक) और उपयंत्री गगन सूर्यवंशी को निलंबित कर दिया, क्योंकि वे निर्माण कार्य पर पर्याप्त निगरानी नहीं रख पाए। कलेक्टर के निर्देश पर नौगांव तहसीलदार ने ठेकेदार रमेश विश्वकर्मा (पिता नाथूराम विश्वकर्मा), निवासी वार्ड नंबर 14 नौगांव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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