एमपी-महाराष्ट्र में रेत के अवैध कारोबार पर ईडी का एक्शन: बैंकों में जमा 1.34 करोड़ फ्रीज, 38.43 लाख नकद, BMW समेत 8 वाहन जब्त – Bhopal News

एमपी-महाराष्ट्र में रेत के अवैध कारोबार पर ईडी का एक्शन:  बैंकों में जमा 1.34 करोड़ फ्रीज, 38.43 लाख नकद, BMW समेत 8 वाहन जब्त – Bhopal News




अवैध रेत खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में 16 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस मामले में महाराष्ट्र के नागपुर और भंडारा जिलों के अलावा मध्यप्रदेश के बैतूल के दो युवकों के ठिकानों पर कार्यवाही की गई है और 38.43 लाख रुपए नकद जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 1.34 करोड़ रुपए की बैंक जमा राशि फ्रीज की गई और 8 वाहन जब्त किए गए। जिनमें 1 BMW, 2 फॉर्च्यूनर, 1 थार, 2 जेसीबी और 2 पोकलैंड मशीनें शामिल हैं। ईडी के अनुसार इस फर्जीवाड़े से 30 करोड़ से अधिक की आमदनी आरोपियों को हुई है। जिसकी जांच कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नागपुर सब-जोनल इकाई की यह कार्यवाही महाराष्ट्र के नागपुर और भंडारा जिले के आस-पास स्थित रेत घाटों से अवैध रेत खनन से जुड़ी है। ईडी ने इस मामले की जांच नागपुर शहर के सदर और अंबाझरी थानों में दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों के आधार पर शुरू की है। इसके आरोपियों में नरेंद्र पिंपले, अमोल उर्फ गुड्डू खोरगड़े सहित अन्य शामिल हैं। 6 से 10 हजार तक में बेचते थे फर्जी ईटीपी
जांच में सामने आया कि संगठित रेत माफिया गिरोह फर्जी और कूट रचित इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट परमिट (ETP) के जरिए अवैध रूप से रेत की खुदाई, परिवहन और बिक्री कर रहा था जबकि नागपुर के आसपास के रेत घाट बंद थे। इसके लिए माफिया मध्य प्रदेश के वैध रेत घाटों के नाम पर फर्जी ETP बनाकर नागपुर में अवैध रेत की सप्लाई कर रहा था। ईडी ने खुलासा किया कि राहुल खन्ना और बाबू अग्रवाल के नेतृत्व वाला सिंडिकेट मध्य प्रदेश के वैध रेत घाटों के नाम पर फर्जी ETP तैयार करता था जिन्हें नागपुर के रेत माफिया को 6,000 से 10,000 रुपए प्रति ETP में बेचा जाता था। जीपीएस डेटा एनालिसिस में पाया गया कि जिन वाहनों का उल्लेख ETP में था, वे मध्य प्रदेश गए ही नहीं, बल्कि नागपुर और आस-पास के अवैध रेत घाटों से बार-बार चक्कर लगाते रहे। बैंक में जमा 1.34 करोड़ फ्रीज, 1 BMW, 2 फॉर्च्यूनर, 1 थार, 2 जेसीबी और 2 पोकलैंड मशीनें जब्त
ईडी के मुताबिक इस तरह से आरोपियों ने बड़े पैमाने पर अवैध मुनाफा कमाया और सरकार को रॉयल्टी व टैक्स में भारी नुकसान पहुंचाया। ईडी के अनुसार इस मामले में अपराध से अर्जित आय (POC) 30 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। तलाशी के दौरान ईडी ने 38.43 लाख रुपए की बेहिसाब नकदी, बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए। इसके अलावा 1.34 करोड़ रुपए की बैंक जमा राशि फ्रीज की गई और 8 वाहन जब्त किए गए, जिनमें 1 BMW, 2 फॉर्च्यूनर, 1 थार, 2 जेसीबी और 2 पोकलैंड मशीनें शामिल हैं।



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