गोकुलपुर से रांझी तक बनी स्मार्ट सड़क के डिवाइडरों के बीच लगे 50 फीसदी पौधे सूखे, अधिकारियों दी कार्यवाही की चेतावनी

गोकुलपुर से रांझी तक बनी स्मार्ट सड़क के डिवाइडरों के बीच लगे 50 फीसदी पौधे सूखे, अधिकारियों दी कार्यवाही की चेतावनी


जबलपुर: जबलपुर शहर की सुंदरता को नजर लग गई है. जहां हरियाली के नाम पर अधिकारियों की जेब हरी हो रही है और लाखों रूपए के पेड़ पानी को मोहताज हैं. दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि जिस लाखों रुपए के पेड़ को नगर निगम ने डिवाइडर के बीच लगाया था, अब वही पेड़ दम तोड़ रहे हैं. न ही पेड़ों में पानी दिया जा रहा है और न ही ध्यान. लिहाजा पेड़ जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं.

पानी न मिलने से सूख गए पेड़

यह वहीं 6 से 8 फीट के पाम ट्री है, जिन्हें नगर निगम के उद्यान विभाग ने करीब 2 लाख रुपए खर्च कर खरीदे थे और इन्हें जबलपुर की गोकलपुर से लेकर रांझी तक बनी स्मार्ट सड़क के डिवाइडरों के बीच लगाया गया हैं. जहां एक पेड़ को 1 हजार रुपए में में खरीदा गया था. इस तरह करीब 200 पेड़ों को 2 लाख खर्च कर खरीदा गया. लेकिन 50 फ़ीसदी से अधिक पेड़ पानी न मिलने की वजह से सूख गए, जबकि पाइपलाइन डालने की वजह से 30 फ़ीसदी पेड़ क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.

अधिकारी बोले; ठेकेदार पर की जाएगी कार्यवाही

नगर निगम के उद्यान विभाग के उपयंत्री सौरभ त्रिपाठी ने बताया सिटी ब्यूटीफिकेशन के तहत गोकलपुर से लेकर रांझी तक करीब 200 पाम ट्री लगाए गए हैं. डिवाइडर की खूबसूरती के साथ ही सड़के पॉल्यूशन फ्री हो इस उद्देश्य के तहत पेड़ लगाए गए हैं. लेकिन लेकिन सड़क में अमृत 2.0 योजना के तहत पाइपलाइन डाली जा रही है. जिसके कारण कार्य को रोक दिया गया है. उन्होंने बताया कुछ पौधे ज़रूर जर्जर स्थिति में हैं. जिसको लेकर संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है, जो रिप्लेस कर दोबारा पाम ट्री लगाएगी.

6 महीने तक एजेंसी करेगी पाम ट्री का मेंटेनेंस

उन्होंने बताया प्रत्येक पाम ट्री की कीमत करीब 1 हजार के आसपास है. डिवाइडर में लगे सारे पेड़ों का मेंटेनेंस एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा है. एजेंसी 6 महीने तक पाम ट्री का मेंटेनेंस करेगी. इसके बाद नगर निगम इन पेड़ों की देखभाल करेगा. बहरहाल अब देखना होगा लाखों रुपए से खरीदे गए इन पाम ट्री को आखिर कब तक रिप्लेस किया जाता है और इन पेड़ों की देखभाल किस तरीके से की जाती है.

दूसरी तरफ एमआईसी मेंबर दामोदर सोनी का कहना है गोकलपुर से लेकर रांझी तक लगाए गए अधिकांश पौधे जर्जर स्थिति में है. कुछ पेड़ों को तोड़ा भी गया है, जिसकी जांच कराई जा रही है. उद्यान अधिकारी को पत्र लिखा गया है, जल्द ही ठेकेदार पर कार्रवाई होगी और पेड़ों को सुव्यवस्थित किया जाएगा.



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