कल्पना कीजिए कि एक बड़ा टूर्नामेंट चल रहा हो और अचानक खिलाड़ी मैदान पर आने से मना कर दें. बांग्लादेश में ठीक ऐसा ही हुआ. 15 जनवरी 2026 को BPL (बांग्लादेश प्रीमियर लीग) के मैच शुरू होने थे, लेकिन खिलाड़ी टॉस के लिए ही नहीं आए. स्टेडियम के बाहर फैंस ने गुस्से में तोड़फोड़ की और अंदर खिलाड़ियों ने अपने ही बोर्ड (BCB- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड) के खिलाफ जंग छेड़ दी.
विवाद की असली वजह: वो बयान जिसने आग लगा दी
इस पूरे बवाल की जड़ में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के एक प्रभावशाली अधिकारी नजमुल इस्लाम हैं. विवाद की तीन मुख्य वजहें सामने आई हैं:
खिलाड़ियों का अपमान: नजमुल इस्लाम ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने आज तक कोई बड़ी ट्रॉफी नहीं जीती है, इसलिए बोर्ड उन पर जो करोड़ों रुपये खर्च करता है, उन्हें वो पैसा वापस कर देना चाहिए.
सैलरी रोकने की धमकी: उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश की टीम भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलती, तो बोर्ड खिलाड़ियों के वित्तीय नुकसान की भरपाई नहीं करेगा.
तमीम इकबाल को ‘इंडियन एजेंट’ कहना: विवाद तब और बढ़ गया जब उन्होंने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को ‘इंडिया का एजेंट’ कह दिया. तमीम ने केवल यह सलाह दी थी कि वर्ल्ड कप के लिए भारत के साथ विवाद सुलझा लेना चाहिए ताकि क्रिकेट का नुकसान न हो.
इस अपमान के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. स्टार ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज भावुक होकर बोले-
“हमारी कमाई ICC और स्पॉन्सर्स से आती है. हम सरकार से पैसा नहीं लेते, बल्कि अपनी कमाई का 25-30% टैक्स सरकार को देते हैं. हम मेहनत करते हैं, और बोर्ड अधिकारी का हमें अपमानित करना पूरी बिरादरी के लिए शर्मनाक है.
सैलरी रोकने की धमकी: उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश की टीम भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलती, तो बोर्ड खिलाड़ियों के वित्तीय नुकसान की भरपाई नहीं करेगा.
तमीम इकबाल को ‘इंडियन एजेंट’ कहना: विवाद तब और बढ़ गया जब उन्होंने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को ‘इंडिया का एजेंट’ कह दिया. तमीम ने केवल यह सलाह दी थी कि वर्ल्ड कप के लिए भारत के साथ विवाद सुलझा लेना चाहिए ताकि क्रिकेट का नुकसान न हो.
इस अपमान के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. स्टार ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज भावुक होकर बोले-
“हमारी कमाई ICC और स्पॉन्सर्स से आती है. हम सरकार से पैसा नहीं लेते, बल्कि अपनी कमाई का 25-30% टैक्स सरकार को देते हैं. हम मेहनत करते हैं, और बोर्ड अधिकारी का हमें अपमानित करना पूरी बिरादरी के लिए शर्मनाक है.
कौन हैं नजमुल इस्लाम?
नजमुल इस्लाम BCB के रसूखदार अधिकारी और फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन थे. उन्होंने न केवल खिलाड़ियों की सैलरी पर सवाल उठाए, बल्कि उन्हें ‘देशद्रोही’ की श्रेणी में खड़ा कर दिया. उनके इस अड़ियल रवैये से न केवल खिलाड़ी, बल्कि बांग्लादेश की जनता भी भड़की हुई है. हालांकि, विवाद बढ़ता देख उन्हें पद से हटा दिया गया है.
मैदान पर ‘सन्नाटा’: टॉस के लिए नहीं आए कप्तान
15 जनवरी को मेहदी हसन मिराज और नजमुल हुसैन शांतो बतौर कप्तान टॉस के लिए नहीं आए. खिलाड़ियों ने एकजुट होकर नजमुल इस्लाम से सार्वजनिक माफी की मांग की. दबाव में आकर बोर्ड ने नजमुल को चेयरमैन पद से हटा दिया है. ताजा जानकारी के अनुसार, नजमुल ने माफी मांग ली है, जिसके बाद खिलाड़ी 16 जनवरी से दोबारा मैच खेलने को राजी हुए हैं.
भारत के साथ विवाद
भारत और BCB के बीच विवाद की जड़ें काफी गहरी हैं. यह झगड़ा तब शुरू हुआ जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया.
विवाद का दूसरा पहलू: भारत में यह मांग उठी थी कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को IPL में जगह न दी जाए.
सुरक्षा का बहाना: इसके जवाब में बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप के लिए भारत आने से मना कर दिया. बांग्लादेश का दावा है कि उनके लिए भारत में सुरक्षा का खतरा है, इसलिए मैच श्रीलंका में कराए जाएं. हालांकि, BCCI और ICC ने सुरक्षा के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
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