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10 Indian cricketer who never played u19 world cup: अंडर-19 वर्ल्ड कप आमतौर पर भारतीय क्रिकेट में सफलता की पहली सीढ़ी माना जाता है. लेकिन कई दिग्गज ऐसे भी हैं जिन्होंने इस टूर्नामेंट के बिना ही दुनिया पर राज किया. इस लिस्ट में सचिन, गांगुली, धोनी, द्रविड़, सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिन्होंने कभी अंडर-19 वर्ल्ड कप नहीं खेला. फिर भी अपनी मेहनत के दम पर टीम इंडिया के ‘मैच विनर’ बने. इस लेख में हम उन 10 भारतीय क्रिकेटरों के बारे में जानेंगे, जिन्होंने जूनियर लेवल पर वर्ल्ड कप न खेलने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बनाई और आज करोड़ों फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं.
क्रिकेट के ‘भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने नवंबर 1989 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था.उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा. इंटरनेशनल क्रिकेट में शतकों का शतक लगाने वाले सचिन साल 1988 में वर्ल्ड कप (यूथ वर्ल्ड कप) खेलने के लिए एलिजबल थे लेकिन उन्होंने नहीं खेला. सचिन ने 24 साल के करियर में 664 इंटरनेशनल मैच खेले और कई रिकॉर्ड बनाए जो आज भी अटूट हैं.

‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने भारतीय टीम के लिए कई कीर्तिमान बनाए. उन्होंने अपनी कप्तानी में टीम को कई बड़ी उपलब्धियां दिलाई. बाएं हाथ के ओपनर गांगुली साल 1998 के यूथ वर्ल्ड कप मे लिए एलिजिबल थे लेकिन वह टीम इंडिया का हिस्सा नहीं थे. उन्होंने जनवरी 1992 में 19 साल की उम्र में भारत के लिए अपना वनडे डेब्यू किया और 1996 में टेस्ट डेब्यू किया.

टीम इंडिया की ‘दीवार’ कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने अपने 15 साल से ज्यादा लंबे इंटरनेशनल करियर में भारत के लिए 500 से ज्यादा मैच खेले, लेकिन वह 1988 के अंडर 19 वर्ल्ड कप में भी नहीं खेले थे. द्रविड़ को भारतीय टीम का मिस्टर भरोसेमंद खिलाड़ी कहा जाता था. वह कई साल तक टीम इंडिया में संकटमोचक की भूमिका में रहे.
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अनिल कुंबले (Anil Kumble) ने अप्रैल 1990 में 19 साल की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया. यह लेग स्पिनर टेस्ट, वनडे और इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बना. लेकिन उन्होंने भी कभी अंडर 19 वर्ल्ड कप नहीं खेला.

एमएस धोनी (MS Dhoni) तीनों आईसीसी व्हाइट-बॉल ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान हैं. लेकिन उन्होंने भारत के लिए अंडर 19 वर्ल्ड कप में भी नहीं खेला.वह 1998 और 2000 एडिशन में भारत की टीम का हिस्सा बनने के लिए एलिजिबल थे, लेकिन उन्हें नहीं चुना गया. एमएस धोनी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को टी20 वर्ल्ड कप , वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी दिलाई है. वह दुनिया के इकलौते क्रिकेट कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी की तीनों बड़ी ट्रॉफी अपनी कप्तानी में जीती है.

रविचंद्रन अश्विन (R Ashwin) टेस्ट और इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. लेकिन उन्होंने कभी अंडर 19 वर्ल्ड कप नहीं खेला. वह 2004 और 2006 के एडिशन के लिए सिलेक्शन के योग्य थे. अश्विन ने अपनी फिरकी गेंदबाजी से कई मैचों में भारतीय टीम को जीत दिलाई. उन्होंने लोअर ऑर्डर में उतरकर बल्ले से भी कई यादगार पारियां खेली हैं.

तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) शायद भारत के अब तक के सबसे महान गेंदबाज हैं. उन्होंने जनवरी 2016 में 22 साल की उम्र में भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था. वह 2010 और 2012 के अंडर 19 वर्ल्ड कप में खेलने के लिए एलिजिबल थे, लेकिन उन्हें टीम में नहीं चुना गया.

हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) भारत के अब तक के सबसे महान ऑलराउंडरों में से एक हैं. जनवरी 2016 में इंटरनेशनल डेब्यू करने के बाद से, उन्होंने टीम इंडिया के लिए खेल के तीनों फॉर्मेट में खेला है, लेकिन उन्होंने कभी U19 वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया. बुमराह की तरह, वह भी 2010 और 2012 के U19 वर्ल्ड कप के लिए चुने जाने के योग्य थे, लेकिन उन्हें नहीं चुना गया.

सूर्यकुमार यादव (Suryavkumar Yadav) अभी भारत की टी20 टीम के कप्तान हैं. पहले वह टेस्ट और वनडे भी खेल चुके हैं. सूर्या 2026 T20 वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करेंगे, लेकिन वह कभी U19 वर्ल्ड कप में नहीं खेले. सूर्या की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है.

तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) भारत के अब तक के सबसे महान गेंदबाजों में से एक हैं. वह वनडे वर्ल्ड कप में भारत के सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, लेकिन उन्हें कभी U19 वर्ल्ड कप में खेलने का मौका नहीं मिला.