कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर परिवहन विभाग ने शनिवार को देवास जिले में लगातार जांच की। इसी क्रम में, जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान और उनकी टीम ने स्लीपर यात्री बसों में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया। शहर के मक्सी रोड पर स्लीपर कोच यात्री बसों को रोककर जांच की गई। जांच के दौरान, परिवहन अधिकारी ने स्लीपर बसों के लिए निर्धारित सरकारी मापदंडों की सख्ती से जांच की। इसमें अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन द्वार, पार्टीशन गेट, स्लाइडर और पैनिक बटन जैसे सुरक्षा उपकरण शामिल थे। इस अभियान के तहत, जिन बसों में चालक सीट के पीछे पार्टीशन गेट पाए गए, उन्हें मौके पर ही हटवाया गया। संबंधित बस संचालकों को सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दिन भर चली इस चेकिंग कार्रवाई में कुल 55 यात्री बसों की जांच की गई। इनमें से 3 वाहनों में तत्काल पार्टीशन गेट हटवाए गए और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए। जांच के दौरान, 7 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई, जिससे 58 हजार रुपए का शमन शुल्क वसूला गया। जिन वाहनों में कमियां पाई गईं, उनके मालिकों को परिवहन अधिकारी द्वारा जल्द से जल्द इन कमियों को पूरा कर भौतिक सत्यापन के लिए परिवहन कार्यालय में वाहन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। परिवहन कार्यालय ने स्लीपर यात्री बसों के मालिकों को निर्धारित सुरक्षा मापदंडों को पूरा करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। निर्धारित समय सीमा में सुरक्षा मापदंड पूरे न होने की स्थिति में, परिवहन कार्यालय द्वारा फिटनेस निरस्तीकरण के साथ-साथ अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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