बालाघाट जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में बड़े पैमाने पर अनियमितता का खुलासा हुआ है। मंडला से लाकर बालाघाट के खरीदी केंद्रों पर अवैध रूप से धान खपाने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में दो ट्रकों को जब्त किया गया है और मंडला के कमल किशोर ट्रेडर्स के प्रोपराइटर सहित चार लोगों पर परसवाड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, धान से भरे दो ट्रकों के पकड़े जाने के बाद सामने आया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जबलपुर से मंडला के लिए धान परिवहन की अनुमति ली गई थी। इसके बाद मंडला से महाराष्ट्र के गोंदिया के लिए परिवहन की अनुमति दर्शाई गई, लेकिन धान को बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र के खरीदी केंद्रों में खपाने की योजना थी। एसडीएम ने दो संदिग्ध ट्रक पकड़े परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी ने दिव्या पेट्रोल पंप के पास से दो संदिग्ध ट्रकों (एमपी-09 एचएच-3261 और सीजी-15-डीएच-6573) को पकड़ा। जांच में सामने आया कि भारती ट्रेडर्स जबलपुर और हनु ट्रेडिंग कंपनी जबलपुर से धान कमल किशोर ट्रेडर्स मंडला के नाम पर भेजा गया था। जिले में 32 ट्रकों से अवैध धान खपाने की आशंका जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिले में लगभग 32 ट्रकों के जरिए कुल 6163 क्विंटल धान अवैध रूप से खरीदी केंद्रों पर खपाए जाने की संभावना है। ये सभी ट्रक जिले के विभिन्न चेकपोस्ट से गुजरे थे, लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे चेकपोस्ट पर होने वाली जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रक चालकों ने बताया कि यह धान परसवाड़ा तहसील के ग्राम झिरिया निवासी बिचौलिए राजेंद्र रहांगडाले के लिए लाया गया था। राजेंद्र रहांगडाले ने पूछताछ में भोरवाही और बघोली धान खरीदी केंद्रों में धान खपाने की बात स्वीकार की है। इस मामले में परसवाड़ा के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुरेश धोटे की परसवाड़ा थाने में ट्रक चालक आकाश यादव, बलराम यादव, कमल किशोर ट्रेडर्स मंडला के प्रोपराइटर कमल आहूजा और बिचौलिए राजेन्द्र रहांगडाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 1500 बोरी में 599 क्विंटल धान जब्त कार्रवाई के दौरान ट्रकों में लाए गए 1500 बोरी में 599 क्विंटल धान को जब्त कर चंदना वेयरहाउस के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी मदन इवने ने बताया कि ट्रकों को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है, अभी शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है, विवेचना में धाराओं को बढ़ाया भी जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि इसमें आरोपियों पर धोखाधड़ी का अपराध भी पंजीबद्ध किया जा सकता है।
Source link