उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने शनिवार देर शाम को मंदसौर जिले के ग्राम देहरी पहुंचकर किसान नंदकिशोर पाटीदार द्वारा की जा रही प्राकृतिक खेती का निरीक्षण एवं अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने खेत में अपनाई जा रही प्राकृतिक खेती की विभिन्न पद्धतियों को देखा और किसान से विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के अवसर पर कलेक्टर अदिती गर्ग, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुकूल जैन, कृषि विभाग के उप संचालक रविंद्र मोदी सहित अन्य जिला अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे। प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरता और घटेगी लागत
संभाग आयुक्त ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों के बड़े-बड़े क्लस्टर तैयार किए जाएं, ताकि सामूहिक रूप से अधिक किसान इस पद्धति को अपना सकें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, खेती की लागत कम होती है और उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि होती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों से अवगत कराते हुए इस दिशा में प्रेरित किया जाए। तीन वर्षों से कर रहे प्राकृतिक खेती – किसान नंदकिशोर पाटीदार
निरीक्षण के दौरान किसान नंदकिशोर पाटीदार ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने जीवामृत, जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, वेस्ट डी-कंपोजर, ताम्र छाछ, दशपर्णी अर्क एवं घन जीवामृत जैसे प्राकृतिक इनपुट्स के उपयोग की जानकारी दी। किसान ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता काफी कम हुई है, जिससे खेती की लागत में कमी आई है और फसल उत्पादन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। कृषि उपकरणों और नवीन ट्रैक्टर का भी किया अवलोकन
संभाग आयुक्त ने प्राकृतिक खेती में उपयोग किए जा रहे कृषि उपकरणों का भी अवलोकन किया और उनके उपयोग की जानकारी ली। इसके साथ ही किसान द्वारा जैविक खेती के लिए हाल ही में खरीदे गए नवीन ट्रैक्टर को भी देखा।
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